नीतीश ने यात्रा से हासिल की सत्ता, फिर सेवा के लिए चुना ये रास्ता; रात में मंच पर बुलाकर सुनते थे समस्याएं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी विभिन्न यात्राओं के लिए जाने जाते हैं, जो उन्होंने लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को ...और पढ़ें
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी यात्राओं के लिए भी लोगों के बीच याद किए जाएंगे। कई नाम से उन्होंने यात्राएं कीं। कभी हाड़ कंपने वाली ठंड में तो कभी झुलसा देने वाली गर्मी में वह निकले।
लोगों से संवाद उनकी यात्रा के मूल में दिखा। एक यात्रा उन्होंने ऐसी भी की, जिसमें सुबह-सुबह वह निकल जाते, गांव की गलियों में लोगों से मिलते और उनकी समस्याओं को सुनते। प्रवास यात्रा में तो वे रात में ग्रामीणों के बीच बैठकर या उनमें से किसी को मंच पर बुलाकर समस्याओं को सुनते।
यात्रा के जरिए सत्ता से सेवा
दरअसल, नीतीश कुमार की सरकार का आना ही यात्रा की वजह से संभव हो पाया। वर्ष 2005 में उन्होंने पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा की थी। लोगों से न्याय मांगा और सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लगातार तीन यात्राएं की। इनमें एक थी विकास यात्रा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया।
उसी साल उन्होंने धन्यवाद यात्रा की। लोकसभा चुनाव में एनडीए को मिली शानदार सफलता के बाद लोगों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए उन्होंने आभार यात्रा की। उनकी एक यात्रा विश्वास यात्रा के नाम से भी हुई।
कामकाज की समीक्षा के लिए की यात्रा
जिस समय बिहार में लोक सेवाओं का अधिकार कानून लागू हुआ तो उन्होंने इस योजना की मानीटरिंग के लिए सेवा यात्रा की। उनके अधिकार यात्रा की भी खूब चर्चा रही।
यह यात्रा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए की गई थी। लोकसभा चुनाव में गठबंधन के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को उन्होंने संकल्प यात्रा की। संपर्क यात्रा के बाद उन्होंने निश्चय यात्रा की।
वर्ष 2024-25 में उन्होंने प्रगति यात्रा की। इस दौरान वह विकास से जुड़ी योजनाओं पर केंद्रित रहे। इस वर्ष उन्होंने समृद्धि यात्रा की।
इस यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 50 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ व उद्घाटन किया। हाल तक उन्होंने समृद्धि यात्रा से जुड़ी योजनाओं की मॉनीटरिंग की है।
समाजिक बदलाव के लिए यात्रा
सामाजिक लक्ष्य को केंद्र में रखकर भी नीतीश कुमार ने कई यात्राएं की। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा किए जाने को ले उन्होंने सभी दलों के परामर्श से जब जल-जीवन-हरियाली अभियान को शुरू किया, तब इसे केंद्र में रखकर भी उनकी एक यात्रा हुई। दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ भी उनकी एक यात्रा हुई।
