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पटना एम्स में जांच के लिए हंगामा, मशीन खराब होने से घंटों कतार में फंसे रहे मरीज

Published: Tue, 31 Mar 2026 06:10 AM (IST)

पटना एम्स में सोमवार को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों के लिए मरीजों को भारी देरी का सामना करना पड़ा। ...और पढ़ें

पटना एम्स में जांच के लिए मचा हाहाकार

पटना एम्स में जांच के लिए मचा हाहाकार

HighLights

  1. पटना एम्स में जांच के लिए मरीजों को भारी देरी।

  2. एक्स-रे मशीन खराब होने से घंटों फंसे रहे मरीज।

  3. अव्यवस्था और सूचना के अभाव में मरीजों का हंगामा।

संवाद सूत्र, फुलवारीशरीफ। पटना एम्स में सोमवार को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांच कराने पहुंचे मरीजों को देरी का सामना करना पड़ा। दिनभर लंबी कतार में खड़े रहने के बावजूद कई मरीजों की जांच नहीं हो सकी, जिससे अस्पताल परिसर में आक्रोश का माहौल बन गया। 

मरीजों का आरोप था कि एम्स में जांच की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। कतार में खड़े लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा था कि उनका नंबर कब आएगा। घंटों इंतजार के बाद भी न तो कोई स्पष्ट सूचना मिल रही थी और न ही किसी जिम्मेदार कर्मी द्वारा मार्गदर्शन किया जा रहा था। 

मशीन खराब होने के कारण फंसे रहे

बताया जाता है कि एक्स-रे कराने पहुंचे कई मरीजों को अन्य जांच के लिए आयुष बिल्डिंग भेज दिया गया, जहां करीब 50 से अधिक मरीज दोपहर बाद तक मशीन खराब होने के कारण फंसे रहे। लगातार दो घंटे तक तकनीशियन मशीन ठीक करने में जुटा रहा, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। 

इस दौरान मरीजों को बार-बार पांच मिनट में और आधा घंटे में मशीन ठीक होने का आश्वासन दिया जाता रहा। करीब दो घंटे बाद एक महिला स्टाफ मरीजों को आयुष बिल्डिंग से लेकर आइपीडी बिल्डिंग पहुंची, लेकिन वहां पहले से ही सैकड़ों मरीजों की लंबी कतार लगी थी। 

गुस्साए मरीजों ने हंगामा शुरू किया

आयुष बिल्डिंग से आए मरीजों का पर्चा अंदर से नहीं पुकारे जाने पर स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साए मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि अलग-अलग बिल्डिंग से आए मरीजों के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। 

लोगों का कहना था कि दोनों जगहों के मरीजों को क्रमवार बुलाने की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान आयुष बिल्डिंग से पर्चा लेकर गई महिला स्टाफ भी अंदर चली गई और काफी देर तक बाहर नहीं आई, जिससे मरीजों का आक्रोश और बढ़ गया। 

एम्स के निदेशक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया। वहीं जनसंपर्क विभाग को भी जानकारी दी गई, परंतु वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।