यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar के इस्तीफे का 'टाइम' सेट, महज 60 मिनट में गिर जाएगी महागठबंधन की सरकार!
कोर कमेटी की बैठक में यह तय हुआ कि रविवार को जदयू विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। राजनीतिक गहमा-गहमी और नई सरकार के आने की पूरी संभावना के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। जदयू की कोर कमेटी की बैठक पर राजनीतिक गलियारे में विशेष नजर थी। कोर कमेटी की बैठक में यह तय हुआ कि रविवार को जदयू विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। उक्त बैठक में मुख्यमंत्री की विशेष रूप से संबोधन होगा। वह बताएंगे कि महागठबंधन की सरकार में उन्हें किस तरह से काम करने में परेशानी हो रही थी।
इसके बाद जदयू विधायक दल उन्हें आगे का फैसला लेने को ले अधिकृत करेगा। ऐसा संभव है कि सुबह 10 बजे जदयू विधायक दल की बैठक के बाद 11 बजे मुख्यमंत्री राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। जदयू कोर कमेटी की बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति और बिहार के हित पर विमर्श हुआ। यह राय बनी कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में महागठबंधन की सरकार में जिस तरह से काम-काज का दबाव है वैसे में आगे काम करने में परेशानी है।
बैठक में किस बात पर चर्चा हुई?
बिहार के हित में अगर जदयू को एनडीए का साथ मिलता है तो उस पर विधायकों की सहमति से निर्णय लिया जा सकता है। यह भी चर्चा हुई कि किस तरह से राजद के छोटे-छोटे लोग नीतीश कुमार के खिलाफ टिप्पणी कर रहे। इंटरनेट मीडिया के माध्यम सें लालू प्रसाद की पुत्री ने जिस तरह से नीतीश कुमार के खिलाफ इशारे-इशारे में अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया उस पर भी बात हुई।
इस्तीफा देने के बाद सीएम सबसे पहले क्या करेंगे?
कोर कमेटी की बैठक में शामिल एक नेता ने कहा कि जदयू हड़बड़ी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहता। ऐसी चर्चा है कि राजभवन से इस्तीफा देकर लौटने तक जदयू विधायकों को मुख्यमंत्री आवास में ही रहने को कहा गया है। इस्तीफा देने के बाद वह पुन: अपने विधायकों के बीच जाएंगे।
इस क्रम में भाजपा का समर्थन पत्र उन्हें मिलेगा। इसकी चर्चा वह अपने विधायकों से करेंगे और फिर उनकी सहमति से पुन: राजभवन जाकर नयी सरकार गठन का दावा पेश करेंगे। भाजपा के दिग्गज भी उनके साथ राजभवन जाएंगे और संभव है कि रविवार को ही उनका शपथ ग्रहण हो जाए। सचिवालय के कुछ विभागों को रविवार को खुला रहने का मौखिक आदेश भी दिए जाने की खबर है।
