पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार विकास मिशन के शासी निकाय की छठी बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में लैैंडलाइन फोन को चालू कराना जरूरी है। इससे डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी मिलेगी और स्वास्थ्य केंद्र बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सात निश्चय और बिहार विकास मिशन के उप मिशनों की गति की समीक्षा के क्रम में कई हिदायतें दीं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत जीविकोपार्जन योजना के लाभ से वंचित परिवारों के लिए सर्वे कराने की जरूरत है ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके। इसके लिए गंभीरता से काम करना होगा। इंदिरा आवास योजना के तहत जर्जर हो चुके भवनों एवं केंद्र की योजना के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण में जिनका नाम छूटा हुआ है उसका भी सर्वे करा लिया जाए। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान की चर्चा के क्रम में उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म लेने पर उन्हें आधार कार्ड से जोडऩे को ले जीविका एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का भी सहयोग लें। इससे बच्चियों के जन्म के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मछली और अंडे के उत्पादन को और बेहतर बनाएं ताकि इसे बाहर से मंगाने की जरूरत नहीं पड़े। जैविक सब्जियों के उत्पादन को ले कोऑपरेटिव सोसायटी की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें वैसे लोगों की सदस्य बनाएं जो सही मायने में सब्जी की खेती करते हैैंं। जमीनी स्तर पर इसका अध्ययन करा लें। निरंतर इसकी मॉनीटरिंग होती रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलना चाहिए। गन्ना किसानों की बकाया राशि का भी जल्द से जल्द उन्हें भुगतान कराएं।

बैठक में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह,  बिहार विकास मिशन के सदस्य सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मिशन निदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव चंद्रशेखर सिंह विशेष कार्य अधिकारी गोपाल सिंह सहित कई अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Rajesh Thakur

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