10वीं-12वीं के फेल छात्रों को बिना स्कूल गए पास होने का मौका, NIOS से परीक्षा देकर बचाएं अपना साल
अन्य बोर्डों से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में असफल छात्र अब राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से 'जब चाहे तब परीक्षा' देकर उत्तीर्ण हो सकते हैं।

10वीं-12वीं के फेल छात्रों को बिना स्कूल गए पास होने का मौका (AI Generated Image)
HighLights
अन्य बोर्डों से असफल छात्र एनआईओएस से परीक्षा दे सकते हैं।
एनआईओएस में 'जब चाहे तब परीक्षा' की सुविधा उपलब्ध है।
पांच साल में नौ बार परीक्षा देने का अवसर मिलता है।
रवि कुमार, पटना। किसी भी बोर्ड के 10वीं व 12वीं की परीक्षा में असफल विद्यार्थी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से "जब चाहे तब परीक्षा" देकर सफल हो सकते हैं। एनआईओएस में साल में दो सत्र संचालित होती है। पहला सत्र अप्रैल-मई और दूसरा सत्र अक्टूर-नवंबर में आयोजित होता है।
अक्टूबर-नवंबर सत्र के 10वीं व 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए 30 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है।
एनआईओएस, पटना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि शिक्षार्थी उत्तीर्ण होने के मानदंड को ध्यान में रखते हुए अपनी पसंद के विषयों को चुन सकते हैं। यहां शिक्षार्थी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तरों पर विभिन्न स्ट्रीमों के अंतर्गत ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित होती है। शिक्षार्थी को पांच वर्षों में नौ बार सार्वजनिक परीक्षा देने का अवसर दिया जाता है। इस अवधि के दौरान जब भी शिक्षार्थी अच्छी तरह से तैयार हो तभी परीक्षा दे सकते हैं।
सभी पांच विषयों की परीक्षा देकर हो सकते उत्तीर्ण
निदेशक ने बताया कि सीबीएसई, आईसीएसई और बिहार बिहार बोर्ड सहित अन्य बोर्ड के शिक्षार्थी अगर तीन विषय में असफल हो या किन्हीं कारणों से उनकी पूरी परीक्षा छूट गई है वे पूरे विषय की परीक्षा देकर सफल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र तीन विषय में अन्य बोर्ड में असफल हो जाता है तो वह एनआईओएस से तीन विषय की परीक्षा दे सकते हैं। बांकी दो विषय में छात्र सफल हो तो उनका उक्त विषय का अंक यहां ट्रांसफर करा दिया जाता है और पूरे अंक के साथ फाइनल अंक अंक पत्र प्रदान किया जाता है।
उन्होंने बताया कि यहां एनसीईआरटी द्वारा तैयार किए गए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या का पालन किया जाता है। एनआईओएस तीन राष्ट्रीय बोर्डों से में एक है। जिसमें सीबीएसई और सीआईएससीई भी शामिल है।
फेल छात्र स्वतंत्र रूप से भरेंगे परीक्षा फॉर्म, स्कूल आने की जरूरत नहीं
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सिटी को-ऑर्डिनेटर एसी झा ने बताया कि 10वीं बोर्ड में दो बार परीक्षा आयोजित हो रही है। पहली बोर्ड परीक्षा में जो छात्र किन्हीं कारणों से तीन विषय की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते है या असफल होते है तो दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी पूरी परीक्षा में किन्हीं कारणों से छूट जाती है ऐसे छात्रों के लिए कोई विकल्प नहीं है। उक्त छात्र को पुराने पंजीयन के आधार पर अगले वर्ष होने वाली परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा, लेकिन ये छात्र स्वतंत्र कहलाएंगे। उनको स्कूल आने की जरूरत नहीं है। वे घर बैठ कर परीक्षा की तैयारी करेंगे। उनको अगली परीक्षा के लिए स्वयं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरना होगा।
उन्होंने बताया कि जिनकी पूरी परीक्षा छूट गई है उनको दूसरी बोर्ड परीक्षा में सभी विषय की परीक्षा में शामिल करने के लिए सीबीएसई मंथन कर रहा है।
तीन साल तक पंजीयन रहता वैलिड
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) में किसी छात्र का मैट्रिक व इंटरमीडिएट की पूरी परीक्षा किन्हीं कारणों से छूट जाती है तो उक्त पंजीयन के आधार पर अगली वार्षिक परीक्षा में शामिल हो सकता है।
बिहार बोर्ड में सभी विषय के लिए छूटी हुई परीक्षा के लिए कोई विकल्प नहीं है। एक या दो पेपर के लिए विशेष परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
बोर्ड के अनुसार किसी भी छात्र का पंजीयन तीन साल तक वैलिड रहता है। वह तीन साल तक उक्त पंजीयन पर परीक्षा फॉर्म भर सकता है। यह नियम स्वतंत्र और नियमित दोनों छात्रों पर लागू होता है। स्वतंत्र छात्र बोर्ड से किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से पंजीयन कराते हैं।
