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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार से बड़ी खबर, NIA ने संभाला पटना के फुलवारीशरीफ माड्यूल की जांच का जिम्‍मा, केस दर्ज

By Vyas ChandraEdited By:
Published: Sat, 23 Jul 2022 01:28 PM (IST)Updated: Sat, 23 Jul 2022 07:19 PM (IST)

गृह मंत्रालय के निर्देश पर फुलवारीशरीफ से संचालित देश विरो‍धी गतिविधियों की जांच अब एनआइए करेगी। एनआइए ने इसको लेकर ...और पढ़ें

पटना के टेरर मॉड्यूल की जांच करेगी एनआइए। सांकेतिक तस्‍वीर
पटना के टेरर मॉड्यूल की जांच करेगी एनआइए। सांकेतिक तस्‍वीर

राज्य ब्यूरो, पटना : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने फुलवारी शरीफ माड्यूल की जांच को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) की आड़ में देशविरोधी गतिविधियों के संचालन और भारत को 2047 तक इस्लामिक स्टेट बनाने के षड्यंत्र मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपी एक्ट) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यूएपी एक्ट का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों को रोकना होता है। नई प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही एनआइए की जांच शुरू हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एनआइए के अधिकारियों का दल सोमवार को पटना आ सकता है। यहां आकर एनआइए के अधिकारी पटना पुलिस से अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट लेंगे। 

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के आतंकवाद व कट्टरपंथ विरोधी प्रभाग की ओर से जारी आदेश के बाद विभिन्न धाराओं के तहत फुलवारी शरीफ मामले में केस दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पटना आगमन से एक दिन पहले फुलवारी शरीफ में देश विरोधी षड्यंत्र के संचालन का पर्दाफाश किया था। इस मामले में अब तक पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 20 से अधिक की तलाश में छापेमारी की जा रही है। अब तक की जांच में पीएफआइ और गजवा-ए-हिंद के पाकिस्तान, दोहा समेत कई इस्लामिक देशों से तार जुड़े हैं। 

पुलिस मुख्यालय ने कहा-हमें कोई सूचना नहीं

फुलवारी शरीफ मामले की जांच एनआइए को सौंपने व इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आधिकारिक जानकारी से बिहार पुलिस मुख्यालय ने इन्कार किया है। पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने शनिवार की देर शाम बताया कि अभी बिहार पुलिस को एनआइए की ओर से इस तरह की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। एनआइए की वेबसाइट पर भी इसका जिक्र नहीं है। फिलहाल पटना पुलिस की एसआइटी अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।