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नई दिल्ली के बिहार भवन में बड़ा फेरबदल, 203 से घटकर 95 हुए पद; 7.90 करोड़ रुपये सालाना खर्च

Published: Tue, 06 Oct 2026 12:42 PM (IST)Updated: Tue, 06 Oct 2026 01:03 PM (IST)

नई दिल्ली स्थित बिहार भवन और स्थानिक आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 203 ...और पढ़ें

दिल्ली में बिहार सरकार के कामकाज के लिए नया प्रशासनिक ढांचा

दिल्ली में बिहार सरकार के कामकाज के लिए नया प्रशासनिक ढांचा

HighLights

  1. बिहार भवन और स्थानिक आयुक्त कार्यालय के ढांचे में बड़ा बदलाव।

  2. कुल 203 पदों से घटकर अब 95 पद स्वीकृत।

  3. पुनर्गठन से सालाना 7.90 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित।

राज्य ब्यूरो, पटना। नई दिल्ली स्थित बिहार भवन और स्थानिक आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने पूर्व स्वीकृत पदों के प्रत्यर्पण और नए पदों के सृजन के बाद कार्यालय का नया ढांचा तय किया है। नए ढांचे में स्थानिक आयुक्त कार्यालय में कुल 95 पद स्वीकृत किए गए हैं।

पहले स्वीकृत 203 पदों में से 119 पदों का प्रत्यर्पण किया गया है, जबकि 27 कोटि के पदों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

203 पदों से घटकर 95 हुआ नया ढांचा, क्यों की गई इतनी बड़ी कटौती?

नए पद ढांचे में प्रधान स्थानिक आयुक्त का एक पद, स्थानिक आयुक्त का एक और अपर स्थानिक आयुक्त का एक पद शामिल है। इसके अलावा उप स्थानिक आयुक्त के दो तथा उप स्थानिक आयुक्त सुरक्षा का एक पद स्वीकृत किया गया है।

विशेष कार्य पदाधिकारी, अवर सचिव, प्रधान आप्त सचिव और प्रशाखा पदाधिकारी समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों को भी नए ढांचे में जगह दी गई है।

अधिकारी से लेकर सहायक स्तर तक बदली पदों की तस्वीर

कार्यालय में छह सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, चार निजी सहायक, पांच वरीय सचिवालय सहायक, 33 स्टाफ कार चालक और 13 कार्यालय परिचारी के पद भी शामिल किए गए हैं।

प्रोटोकाल से जुड़े पदों के अलावा पुलिस अवर निरीक्षक का पद प्रतिनियुक्ति के आधार पर रहेगा। इस तरह अधिकारियों से लेकर लिपिकीय और सहायक स्तर तक का नया पद ढांचा तैयार किया गया है।

95 पदों पर हर साल 7.90 करोड़ रुपये का खर्च, मानव संसाधन पर फोकस

नवगठित स्थानिक आयुक्त कार्यालय के 95 पदों पर सालाना करीब 7.90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने पदों के पुनर्गठन के पीछे कार्यालय को अधिक सुदृढ़, व्यवस्थित और जरूरत के अनुरूप बनाने का उद्देश्य बताया है।

इसके तहत अनावश्यक पदों को हटाकर उपलब्ध मानव संसाधन के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

119 पदों का प्रत्यर्पण, 27 कोटियां पूरी तरह खत्म

पुनर्गठन के बाद पुराने ढांचे के कई पद समाप्त या वापस किए गए हैं। पहले स्वीकृत 203 पदों के मुकाबले अब 95 पदों का नया ढांचा प्रभावी होगा।

इस बदलाव से कार्यालय की जरूरत के मुताबिक पदों को व्यवस्थित करने और प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

दिल्ली में बिहार सरकार के कामकाज के लिए नया प्रशासनिक ढांचा

बिहार भवन और स्थानिक आयुक्त कार्यालय राष्ट्रीय राजधानी में राज्य सरकार के प्रशासनिक और प्रोटोकाल से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नए पद ढांचे में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सहायक, चालक और परिचारी स्तर के पदों को भी शामिल किया गया है, ताकि कार्यालय के अलग-अलग स्तर के कामकाज के लिए निर्धारित मानव संसाधन उपलब्ध रहे।