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NEET UG Counselling: 561 अंक पर भी मिला सरकारी मेडिकल कॉलेज, PMCH-IGIMS में 610-655 तक पहुंचा कटऑफ

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:01 AM (IST)

बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECB) ने अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग के द्वितीय चरण का सीट आवंटन परिणाम जारी किया।

NEET UG में दूसरे चरण के सीट का आवंटन। सांकेत‍िक तस्‍वीर

NEET UG में दूसरे चरण के सीट का आवंटन। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. नए सरकारी कॉलेजों से 561 अंक पर भी एमबीबीएस सीट मिली।

  2. पीएमसीएच, आईजीआईएमएस में सामान्य कटऑफ 610-655 अंक रहा।

  3. चयनित अभ्यर्थियों को नोडल केंद्रों पर दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य।

जागरण संवाददाता, पटना। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECB) द्वारा अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग के द्वितीय चरण का सीट आवंटन परिणाम शुक्रवार को जारी कर दिया गया।

हाल में स्थापित राज्य के नए सरकारी मेडिकल कालेजों की बदौलत नीट में 561 से 570 अंक हासिल करने वाले पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सरकारी काॅलेज मिले।

आवंटन सूची के विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य के पुराने व प्रतिष्ठित मेडिकल कालेजों में इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा रहा।

नामचीन संस्‍थानों में मुकाबला रहा कड़ा 

पीएमसीएच और आइजीआइएमएस में सामान्य सीटें 610 से 655 अंकों के बीच सिमट गईं। IGIMS में सामान्य वर्ग का नया आवंटन 655 अंक (आल इंडिया रैंक 1158) से शुरू हुआ।

एनएमसीएच, डीएमसीएच और एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर) में सामान्य व पिछड़ा वर्ग की अधिकांश सीटें 590 से 605 अंकों के दायरे में आवंटित हुईं।

श्रीराम जानकी मेडिकल कालेज (समस्तीपुर), जीएमसी छपरा, जीएमसी पूर्णिया, जीएमसी बेतिया और जेकेटीएमसी मधेपुरा जैसे नए संस्थानों ने अभ्यर्थियों को सबसे बड़ा सहारा दिया।

आरक्षि‍त श्रेण‍ियों में 561 अंक तक आवंटन 

इन काॅलेजों में लड़कों के लिए अनारक्षित सीटें 568 अंक तक तथा विभिन्न आरक्षित श्रेणियों (ईबीसी, ईडब्ल्यूएस, बीसी) और छात्राओं के लिए सरकारी एमबीबीएस की सीटें 561 अंक तक आवंटित की गईं।

अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अभ्यर्थियों को समस्तीपुर व छपरा में 452 से 454 अंक पर और एसटी वर्ग को 477 से 478 अंक पर सरकारी एमबीबीएस सीट हासिल हुई है।

निजी काॅलेजों में 210 अंक पर भी एमबीबीएस सरकारी काॅलेजों के मुकाबले राज्य के निजी मेडिकल कालेजों में कटआफ का स्तर काफी नीचे दर्ज किया गया।

निजी मेड‍िकल कॉलेजों में 210 वालों को भी सीटें आवंट‍ित 

सिवान, जहानाबाद, नालंदा, सहरसा और पूर्वी चंपारण स्थित निजी मेडिकल काॅलेजों में 210 से 250 अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को भी एमबीबीएस में सीट आवंटित हो गई है।

निजी संस्थानों के एनआरआइ कोटे में तो 180 से 190 अंक तक के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जिन अभ्यर्थियों को मनपसंद सरकारी मेडिकल काॅलेज नहीं मिल सका, उन्होंने बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय (बीवीसी), पटना और पटना डेंटल कालेज (पीडीसी) को प्राथमिकता दी।

बीवीसी पटना में वेटरनरी साइंस के लिए 540 से 553 अंक तथा पीडीसी में बीडीएस के लिए 548 से 556 अंक तक के अभ्यर्थियों ने दाखिला पक्का किया है।

नोडल केंद्रों पर सत्यापन अनिवार्य, ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी

पर्षद ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे आधिकारिक वेबसाइट से अपना सीट आवंटन पत्र डाउनलोड कर लें।

नई सीट पाने वाले और पूर्व की सीट बरकरार रखने वाले सभी अभ्यर्थियों को तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित नोडल या रिपोर्टिंग सेंटर पर उपस्थित होकर मूल प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

सत्यापन के लिए नीट (यूजी) का एडमिट कार्ड, स्कोर कार्ड, यूजीमैक रैंक कार्ड, प्रोविजनल आवंटन पत्र, 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र व अंकपत्र, जाति व आवासीय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।

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