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NEET पेपर लीक पर फिर बवाल! 2024 में संजीव मुखिया ने हिलाया था सिस्टम, नीट 2026 का भी बिहार से जुड़ रहा कनेक्शन

Published: Wed, 13 May 2026 08:33 PM (GMT+05:30)

NEET 2026 पेपर लीक विवाद के बाद बिहार फिर चर्चा में है, जहां पावापुरी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर छापेमारी हुई ...और पढ़ें

संजीव मुखिया(फाइल फोटो)

संजीव मुखिया(फाइल फोटो)

HighLights

  1. पावापुरी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर आईबी-पुलिस की छापेमारी।

  2. 2024 नीट पेपर लीक मास्टरमाइंड संजीव मुखिया फिर चर्चा में।

  3. संदिग्ध सॉल्वर गैंग के कमरों की ताला तोड़कर तलाशी ली गई।

डिजिटल डेस्क, पटना। NEET 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में हंगामा मचा हुआ है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच अब एक बार फिर बिहार का नाम चर्चा में आ गया है। इसी बीच Bhagwan Mahavir Institute of Medical Sciences में आईबी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी ने हलचल बढ़ा दी है।

पावापुरी सहायक थाना, गिरियक और कतरीसराय थाना की पुलिस ने मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में घंटों तलाशी अभियान चलाया।

हॉस्टल के कमरे तोड़कर हुई जांच

जांच टीम ने इंटर्न हॉस्टल के कमरा नंबर 110 और टाइप-4 आवास के कमरा नंबर 502 व 503 का ताला तोड़कर तलाशी ली।

सूत्रों के मुताबिक कमरा नंबर 110 में कथित सॉल्वर गैंग का मुख्य सरगना अवधेश कुमार रहता था।

वहीं 502 में उज्ज्वल और राजा बाबू का ठिकाना बताया गया है। आईबी की टीम ने कॉलेज प्रशासन, जूनियर डॉक्टरों और छात्रों से भी पूछताछ की है।

अब फिर चर्चा में 2024 का मास्टरमाइंड

पावापुरी छापेमारी के बाद 2024 के चर्चित पटना NEET पेपर लीक कांड की चर्चा भी तेज हो गई है।

उस मामले का सबसे बड़ा नाम था Sanjeev Mukhiya, जिसे जांच एजेंसियों ने कथित मास्टरमाइंड बताया था।

आरोप है कि वह लंबे समय से सॉल्वर गैंग चलाकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

नालंदा से चलाता था कथित नेटवर्क

Sanjeev Mukhiya बिहार के नालंदा जिले के नगरसौना का रहने वाला बताया जाता है।

जानकारी के अनुसार वह नालंदा कॉलेज की नूरसराय शाखा में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था।

जांच में उसके तार बिहार के अलावा राजस्थान और दिल्ली तक जुड़े पाए गए थे।

बताया जाता है कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सक्रिय सॉल्वर गैंग से उसका संबंध था।

2024 में पटना से खुला था बड़ा मामला

5 मई 2024 को आयोजित NEET परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप लगे थे।

हालांकि अगले दिन National Testing Agency ने पेपर लीक से इनकार किया था।

इसके बावजूद पटना के शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज हुआ और कई राज्यों से गिरफ्तारियां हुईं।

जांच में पकड़े गए कई आरोपितों के तार संजीव मुखिया के नेटवर्क से जुड़े बताए गए थे।

11 महीने फरार, फिर मिली थी जमानत

पेपर लीक मामला सामने आने के बाद Sanjeev Mukhiya करीब 11 महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा।

उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मई 2025 में पुलिस ने उसे पटना के दानापुर इलाके के सगुना मोड़ से गिरफ्तार किया था।

बाद में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण उसे जमानत मिल गई थी।

परिवार पर भी जांच की आंच

हालांकि शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती पेपर लीक मामलों में आरोपी होने की वजह से संजीव मुखिया अब भी जेल में बंद है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक उसका बेटा भी शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में जेल में बंद है और कथित तौर पर गैंग से जुड़ा हुआ था।

वहीं उसकी पत्नी पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं। अब NEET 2026 विवाद और पावापुरी छापेमारी के बाद जांच एजेंसियां पुराने नेटवर्क की कड़ियों को फिर से जोड़ने में जुट गई हैं।

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