विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में 8 विधान परिषद सीटों पर मतदान से पहले JDU ने क‍िया जीत का दावा, संजय झा ने बताई वजह

Published: Wed, 21 Oct 2026 06:53 PM (IST)

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बिहार विधान परिषद के शिक्षक व स्नातक क्षेत्रों में एनडीए की सभी आठ सीटों पर जीत का दावा किया है।

जदयू के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष संजय कुमार झा। फाइल

जदयू के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष संजय कुमार झा। फाइल

राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को हो रहे मतदान में एनडीए के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत का दावा किया है।

उन्होंने स्नातक एवं शिक्षक मतदाताओं से मताधिकार के प्रयोग का आग्रह किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के सक्षम नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है।

वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के निश्चय को पूरा करने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर उद्योग, निवेश और शहरीकरण को बढ़ावा दे रही है।

इस चुनाव में एक तरफ एनडीए का दो दशकों का विकास और सुशासन का ट्रैक रिकॉर्ड है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का खोखला दावा है। उन्होंने मतदाताओं से एनडीए के पक्ष में मतदान की अपील की।

बयानबाजी नहीं, जनसमर्थन से तय होगी जीत: जदयू

जदयू प्रदेश प्रवक्ता डाॅ. अनुप्रिया यादव, पूजा पैट्रिक और चंदन कुमार सिंह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव में बयानबाजी से नहीं, जनसमर्थन से जीत होती है।

परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर एनडीए पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ चुनाव लड़ रहा है।

लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग चुनावी मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय अमर्यादित बयानबाजी के जरिए अपनी राजनीतिक कुंठा निकालने में लगे हैं।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता और मानवीय मर्यादा का परिचय देने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां करना भला किस तरह की राजनीति है।

वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन बीमारी को राजनीतिक कटाक्ष का विषय बनाना राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

यह भी पढ़ें- 'कौन हैं प्रशांत किशोर? वही जो चुनाव में हार गए', रामकृपाल यादव का तंज; MLC चुनाव पर भी भव‍िष्‍णवाणी