पटना, जेएनएन। Coronavirus Roundup: बिहार में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को दो और नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले। सीएम ने तीन माह का राशन फ्री कर दिया। वहीं, बीमारी की गंभीरता को देखते हुए कोरोना उन्‍मूलन फंड बनाया गया है। इस फंड में सभी विधायकों व पार्षदों को 50-50 लाख डोनेट करने का निर्देश सरकार ने दिया। यदि सभी ने डोनेट कर दिया इस फंड में 150 करोड़ जमा होने की उम्‍मीद है। बता दें कि कल इसके लिए नीतीश सरकार ने 100 करोड़ जारी किया गया था1 जानें काेरोना वायरस व लॉकडाउन से जुड़ीं दिनभर की खबरें।

कोरोना वायरस से सबसे ज्‍यादा युवा संक्रमित 

बिहार में अब तक कोरोना संक्रमित 9 लोगों में आठ लोगों की उम्र 38 वर्ष या उससे कम है। सिर्फ नेपाल से आई दीघावासी महिला की उम्र 42 है। शुरुआती दौर में माना जा रहा था कि कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों या दमा, मधुमेह, हाइपरटेंशन, कैंसर, हृदय रोग की सर्जरी, डायलिसिस जैसे रोगियों को ही है। इस कारण युवा कोरोना के खतरे से काफी हद तक बेपरवाह थे। सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बिहार और अन्य संक्रमितों में प्रतिशतता को देखते हुए हाल में युवाओं को कोरोना के खतरे से आगाह किया। पूर्व के अध्ययन में जिन लोगों को ज्यादा खतरा बताया गया था, वह सही है लेकिन अब युवा भी खुद को सुरक्षित नहीं मानें। 

युवाओं को हर हाल में 14 दिनों तक रहना होगा आइसोलेशन में 

न्यू गार्डिनर इंडोक्राइन सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से युवाओं की मौत की आशंका बुजुर्गों की तुलना में कम है, लेकिन यदि युवाओं को संक्रमण चपेट में लेता है तो उन्हें 14 दिन तक आइसोलेशन में रहना ही होगा। यदि, वे इसमें लापरवाही बरतेंगे तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार युवाओं को भी चाहिए कि बुजुर्गों की तरह युवा भी घर से बाहर निकलने से बचें। फ्लू संक्रमित किसी भी व्यक्ति से करीब डेढ़ मीटर की दूरी बनाए रखें। हाथ को बार-बार धोते रहें और गंदे हाथ से नाक, मुंह और आंख नहीं छुएं।  

 बिहार में कोरोना संक्रमितों की उम्र 

  1. मुंगेर का युवक जिसकी मौत हुई, 38
  2. मुंगेर के युवक की पत्नी, 36 
  3. मुंगेर के युवक का भतीजा 10
  4. दीघा की महिला 42 वर्ष 
  5. फुलवारीशरीफ का युवक- 26 
  6. पटना सिटी का युवक 29 वर्ष 
  7. नर्सिंग होम का खेमनीचक निवासी कर्मी 20 
  8. नर्सिंग होमकर्मी नालंदा का युवक 30 वर्ष 
  9. सिवान का युवक - 33 वर्ष 

शुक्रवार को और मिले दो नए मरीज

बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को सुबह दो और पॉजिटिव केस आने के बाद संक्रमितों की संख्या नौ हो गई है। इसमें से कतर से लौटे मुंगेर निवासी युवक की मौत हो चुकी है। बिहार के प्रमुख जांच केंद्र अगमकुआं स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरएमआरआइ) के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि गुरुवार को जिन दोनों लोगों की रिपोर्ट सस्पेक्टेड थी, उनकी अंतिम रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।डॉ. प्रदीप दास के अनुसार गुरुवार को 85 आशंकित लोगों के नमूने आए थे। इनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव और दो की रिपोर्ट सस्पेक्टेड थी। 82 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सिवान जिले के जिस युवक की रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई है, वह दुबई से लौटा था। इसे आइडीएच में भर्ती किया गया है। वर्तमान में आइडीएच में कोरोना संक्रमित पांच लोगों को इलाज किया जा रहा है। कोरोना अस्पताल घोषित एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. गोपाल कृष्ण ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मुंगेर के जिस युवक की गत रविवार पटना एम्स में मौत हुई थी, वह पहले खेमनीचक स्थित जिस निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था उसके दूसरे कर्मचारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे भी आइडीएच में भर्ती किया गया है। यह युवक नालंदा जिले के नगरनौसा का निवासी है। इस अस्पताल के नौबतपुर निवासी एक कर्मचारी की रिपोर्ट पहले ही  पॉजिटिव आ चुकी है।

 किट खत्‍म होने से शुक्रवार को आरएमआरआइ में नहीं हुई जांच

निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि शुक्रवार को संस्थान को सैनिटाइज कराने के कारण जांच नहीं हो सकी है। अब शनिवार को सामान्य दिनों की तरह जांच होगी। बताते चलें कि आरएमआरआइ में जांच नहीं होने के बाद चिकित्सकों के बीच चर्चा थी कि किट खत्म होने के कारण जांच रुक गई है। संस्थान पहुंचे 17 आशंकितों के नमूने जांच के लिए रखे हुए हैं। वहीं, आइजीआइएमएस के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके शाही ने बताया कि गुरुवार को आए कुल 18 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं शुक्रवार को 14 नमूने जांच के लिए आए हैं, इनकी रिपोर्ट शनिवार को मिलेगी।  

नीतीश ने किया डॉक्टरों-नर्साें व चिकित्साकर्मियों का अभिनंदन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार की शाम कोरोना वायरस के संदर्भ में विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने इस दौरान कहा कि वर्तमान में जो हाल है उसमें ड़ॉक्टरों, नर्साें और चिकित्साकर्मियों की सेवा व कोशिशों का वह अभिनंदन करते हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों की राय का काफी महत्व है। उनकी राय पर हमलोग अमल करेंगे। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने को ले जरूरी कार्याें को गति दी जा रही है। हम सभी महामारी से डटकर मुकाबला कर रहे हैं। सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। सबसे अच्छा उपाय सोशल डिस्टेंसिंग है। इसी वजह से पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। 

कोरोना के दो संदिग्ध मरीज अस्पताल से फरार

भागलपुर के मायागंज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मरीज फरार हो गए। इसकी सूचना अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने जिलाधिकारी को दी है। ये दोनों संदिग्ध मरीज ममलखा और खरीक के हैं। शुक्रवार को उन्हें भर्ती किया गया था। सैंपल भी लिए गए हैं। शुक्रवार को 94 संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 11 के सैंपल लिए गए। नौ मरीज पहले से भर्ती हैं। जिन दो मरीजों को भर्ती किया गया था, वे फरार हो गए। इसके अलावा मुंगेर के कोरोना वायरस के दो पॉजेटिव मरीज को वार्ड के अलग भवन में 26 मार्च को भर्ती किए गए हैं। मायागंज अस्पताल से डॉक्टरों की एक टीम शनिवार को मुंगेर जाएगी। अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि वहां 70 लोगों की जांच करनी है, जो कोरोना वायरस के संदिग्ध हैं। एमसीएच वार्ड को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। गायनी एवं अन्य विभागों के डॉक्टरों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई है। शुक्रवार को तीन महिला डॉक्टरों ने ड्यूटी नहीं की। अस्पताल अधीक्षक ने कहा कि तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। 

राउंडअप में जानें शुक्रवार की दिनभर की गतिविधियां

मुजफ्फरपुर, जेएनएन : कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन के पांचवें दिन शुक्रवार को उत्तर बिहार में ज्यादा असर दिखा। इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। आदेश का उल्लंघन करने पर एक की गिरफ्तारी हुई। तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। दो वाहन जब्त किए। घरों में नमाज अदा की गई। दरभंगा में पुलिस ने लाठियां चटकाईं। 

पश्चिम चंपारण : बगहा नगर थाने के चखनी गांव में लॉकडाउन के बावजूद पक्के मकान में काम कर रहे एक व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

पूर्वी चंपारण : लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर मोतिहारी नगर थाने में दो मामले दर्ज हुए। दो वाहन भी जब्त किए गए।  रक्सौल शहर में भी व्यापक असर दिखा। इंडो -नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में भी सन्नाटा पसरा रहा। 

मधुबनी : आवश्यक सामग्री की दुकानें खुली रह रहीं। जुमे की नमाज घरों में अदा की गई। कई स्थानों पर अधिक कीमत में सामान बिक्री की शिकायत मिलने पर सख्ती दिखी। 

समस्तीपुर : बाजार पूरी तरह बंद रहा। सड़कें सूनी रहीं। मुसीबत में फंसे लोगों की मदद जारी रही। सुबह में कफ्र्यू जैसा माहौल रहा। सड़क पर मटरगश्ती कर रहे लोगों को पुलिस ने फटकार लगाई। जिला प्रशासन की ओर से माइकंग कराकर लोगों को जागरूक किया जा रहा था। कालाबाजारियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर किया है। 

सीतामढ़ी : सड़कों पर इक्के-दुक्के लोग दिखे। बाहर से आए लोग पैदल घर लौट रहे थे। ऐसे लोगों को पुलिस ने ज्यादा रोका टोका नहीं। जिला प्रशासन की पहल पर आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी शुरू कर दी गई। सड़क को सैनिटाइज्ड किया जा रहा था। 

शिवहर : सड़कों पर सन्नाटा रहा।  वाहनों की सघन जांच कर चालान काटे गए। घरों में जुमे की नमाज अदा की गई।  गांवों में भी असर दिखा। 

दरभंगा : सड़कों पर बिना वजह घूम रहे कई युवकों पर पुलिस ने लाठियां चटकाईं। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों में भी भीड़ नहीं दिखी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग घरों से बाहर नहीं निकले। 

मुजफ्फरपुर : सड़कों पर सन्नाटा रहा। दुकानें बंद रहीं। जगह-जगह पुलिस सक्रिय रही। 

गया, जेएनएन: कोरोना संकट को लेकर हुए देशव्यापी लॉकडाउन के पांचवें दिन शुक्रवार को सभी जिलों में स्थिति सामान्य रही। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी सड़कों व चौराहों पर मुस्तैद रहे। आते-जाते लोगों से टोका-टाकी करने के बाद ही जाने की अनुमति दी गई। बेवजह घूमते मिले लोगों पर सख्ती भी की गई। रोजमर्रा की जरूरतों से संबंधित दुकानें खुली रहीं। लोग सामान खरीदते रहे। हालांकि कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ तो कहीं नहीं। अलग-अलग जिलों में खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी की व्यवस्था भी शुरू हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतें न हों। खास बात यह रही कि अधिकांश नमाजियों ने घरों में ही नमाज पढ़ी। कोरोना वायरस से संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया। 

गया : जिले में भी शहर से लेकर गांव तक शांति दिखी। सड़कें वीरान रहीं, बाजारों में इक्का-दुक्का लोग दिखे, जो सामान की खरीदारी करने निकले थे। हालांकि उनसे भी पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पूछताछ करते रहे। निरर्थक घूमने वालों पर पुलिस का डंडा चला। खाद्य सामग्री, दवा व दूध आदि की दुकानें खुलीं, जिन पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा सामान खरीदने दिया गया। शुक्रवार को कोई नहीं संदिग्ध नहीं मिला। जुमे की नमाज मस्जिदों के बजाय लोगों ने घरों में पढ़ी। 

भभुआ : जिले में लॉकडाउन पूरी तरह सफल रहा। शहर से लेकर गांव तक लोग अनुपालन करते दिखे। कहीं-कहीं पुलिस ने कड़ाई की। कोरोना से बचाव के लिए जिला प्रशासन भी सतर्क रहा। दुकानें खुली रहीं। होम डिलीवरी भी शुरू हो गई है। मस्जिदों में नमाज भी नहीं अदा हुई। सभी ने घरों में ही नमाज पढ़ी। वहीं सब्जी दुकानें अब सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ही खुलेंगी।

सासाराम : जिले में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। सदर अस्पताल से छह संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए डीएम पंकज दीक्षित स्वयं जायजा लेते रहे। उन्होंने सामुदायिक रसोई शुरू कराई है। दवा, सब्जी व किराना दुकानें खुली रहीं। हालांकि कुछ जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं दिखा। 

नवादा : जिले में सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुलीं। जहां सोशल डिस्टेंसिंग बरतते हुए लोगों ने खरीदारी की। छोटे दुकानदार भी इसका अनुपालन करते दिखे। डीएम यशपाल मीणा बेसहारों के लिए कम्युनिटी किचेन की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से घरों में रहने अपील की। जिला जज आरएनएस पांडेय ने मंडल कारा का निरीक्षण किया। 

औरंगाबाद : जिले में लॉकडाउन का व्यापक असर दिखा। सड़कों पर अधिकारियों ने भी कमान संभाली। कालाबाजारी की जांच की तो कहीं सामाजिक दूरी का पालन करा गरीब लाभुकों को राशन बंटवाया। जिला प्रशासन ने कोरोना से निपटने के लिए क्विक मेडिकल रेस्पांस टीम गठित की। टीम संदिग्ध को रेस्क्यू कराएगी। साथ ही 204 पंचायतों में एक-एक विद्यालय को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। वाहन जांच के दौरान करीब दो दर्जन वाहनों से 10 हजार रुपये वसूले गए। किसी भी प्रखंड से कोरोना का कोई संदिग्ध नहीं मिला है। 

भागलपुर : भागलपुर में कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब खोली जाएगी। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद को निर्देश दिया है। इस मामले में जिलाधिकारी प्रणव कुमार से भी बात की है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि अभी भागलपुर में कोरोना वायरस की जांच नहीं होने से सैंपल की रिपोर्ट दो दिन बाद मिलती है। इस परेशानी को देखते हुए जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) भागलपुर में लैब खोला जाएगा। यहां सीमांचल, कोसी और पूर्व बिहार के साथ ही झारखंड के कई जिलों के लोग इलाज कराने आते हैं। इसलिए टेस्टिंग लैब का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से भी कोरोना वायरस की स्थिति की जानकारी ली गई। राज्य सरकार लोगों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

Posted By: Rajesh Thakur

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