बिहार में मोकामा-मुंगेर हाइवे प्रोजेक्ट अटका: जमीन देने से किसानों का साफ इनकार, 2 घंटे की मैराथन बैठक बेनतीजा
मोकामा-मुंगेर ग्रीन फील्ड हाईवे परियोजना भूमि अधिग्रहण विवाद के कारण अधर में लटक गई है। किसानों और अधिकारियों के बीच ...और पढ़ें

किसानों से नहीं बन पाई बात। फोटो जागरण
HighLights
मोकामा-मुंगेर ग्रीन फील्ड हाईवे परियोजना भूमि विवाद में फंसी।
किसानों ने उचित मुआवजे की मांग पर वार्ता विफल की।
परियोजना में देरी की आशंका, किसान धरने की तैयारी में।
संवाद सूत्र, मोकामा। मोकामा से मुंगेर तक बनने वाले ग्रीन फील्ड हाइवे परियोजना के अधर में लटकने की संभावना उत्पन्न हो गयी है। इस परियोजना के लिए मोकामा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सका है।
किसानों ने जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर सरकार को मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज देने से साफ मना कर दिया है।
मंगलवार को मोकामा नगर परिषद सभागार में इस मसले का समाधान निकालने की भरपूर पहल हुई, लेकिन विवाद का निदान नहीं होने से वार्ता विफल हो गयी।
इस वार्ता में सरकार के नुमाइंदे के तौर पर बाढ़ एसडीओ कृष्णा जोशी,बाढ़ डीसीएलआर सोनी कुमारी, मोकामा बीडीओ रवि कुमार, सीओ लवली कुमारी और नगर कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार रजक ने किसानों के साथ मैराथन बैठक की। तकरीबन दो घंटे तक अधिकारी-किसान की हुई बैठक को विफल घोषित कर दिया गया।
उचित मुआवजे की मांग
किसानों ने बताया कि परियोजना के लिए किसान अपनी जमीन देने को पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन अधिगृहित जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
सरकार मुआवजा के रुप में लालीपाप थमा कर जमीन लेने पर आमादा दfख रही है, लेकिन उचित भूमि मुआवजा मिलने तक परियोजना शुरू नहीं होने दी जायेगी।
किसानों की मांगी जा रही मुआवजा राशि और प्रस्तावित सरकारी रकम में भारी अंतर को वार्ता के विफल होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
मोकामा सीओ लवली कुमारी ने बताया कि मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने पटना कमिश्नर की अदालत में अपील भी की है। इस वार्ता में किसानों ने सरकारी मुआवजा राशि लेने से साफ इंकार कर दिया है।
किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए अधिगृहित की जा रही भूमि की वास्तविक कीमत बहुत ज्यादा है। सरकार किसानों की मांग का विरोध कर रही है।
किसान-अधिकारी वार्ता विफल होने से मोकामा-मुंगेर ग्रीन फील्ड परियोजना की सफलता पर ग्रहण लगता दिख रहा है।
किसानों ने अपनी मांग पूरी नहीं होने पर अधिगृहित जमीन पर धरना देने की भी योजना बनाई है। मोकामा सीओ लवली कुमारी के अनुसार, किसानों की मांग से संबंधित रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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