पटना, आनलाइन डेस्‍क। Lalu Yadav News: राष्‍ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (RJD Supremo Lalu Prasad Yadav) इन दिनों बीमार चल रहे हैं। चारा घोटाला (Fodder Scam) के डोरंडा कोषागार मामले में हाल ही में जेल से बाहर आने के बाद वे दिल्‍ली में मीसा भारती (Misa Bharti) के सरकारी आवास पर रहकर इलाज करा रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को पटना आवास व बेटी मीसा भारती के दिल्‍ली आवास सहित लालू से जुड़ी 16 जगहों पर सीबीआइ ने छापेमारी की। इसके साथ वे एक बार फिर चर्चा में हैं। समर्थन या विरोध अपनी जगह, लेकिन लालू के जनता से कनेक्‍ट करने के ठेठ अंदाज, उनकी मिमिक्री व जुमलों के सभी कायल रहे हैं।

चुनावी रैली में पीएम मोदी की मिमिक्री की हुई थी चर्चा

लालू प्रसाद यादव ने एक बार चुनाव प्रचार करते हुए खुद बताया था कि उन्हें मिमिक्री करने में मजा आता है। जब लालू की मिमिक्री की बात होती है तो 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2015) में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की मिमिक्री की याद बरबस ही आ जाती है। उन चुनाव के लिए प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को सवा लाख करोड़ का स्‍पेशल पैकेज (Special Package to Bihar) देने की घोषणा की थी। इसका मजाक बनाते हुए लालू ने अपने ठेठ अंदाज में उनकी जबरदस्‍त मिमिक्री की थी। लालू प्रसाद यादव ने अपनी चुनावी रैली में कहा था, 'मोदी जी, इस अंदाज़ में मत बोलिए। वरना गर्दन की नस खिंच जाएगी।' यह लालू का अंदाज ही था कि उस वक्‍त पीएम मोदी के स्‍पेशल पैकेज के साथ लालू की मिमिक्री भी खूब चर्चा में रही थी।

विरोधियों के हमले के जवाब में भी कर देते थे लोटपोट

खुद पर विरोधियों के हमले का जवाब भी लालू इस अंदाज में देते थे कि लोग लोटपोट हो जाते थे। खुद पर आए संकट के दौर में विरोधियों के वार को लेकर एक बार उन्‍होंने ठेठ अंदाज में कहा था- 'हाथी पड़े पांकी में, सियार मारे हुचुकी।' अर्थात् हाथी अगर फंस जाए तो सियार हंसी उड़ाते ही हैं। लालू कहते थे सियार के हंसने से हाथी को कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। संकट टल ही जाएगा। लालू प्रसाद यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'भारत जलाओ पार्टी' (BJP) की संज्ञा दी थी।

हाल में 'भकचोन्‍हर' कह दिखाई थी पुराने अंदाज की झलक

लालू इन दिनों बीमार हैं, लंबे समय तक जेल में भी रहे; इसलिए बीते कुछ समय से उनके भाषणों में 'ऐ बुड़बक', 'तबला बाजे धिन-धिन, एक नमो पर तीन-तीन', 'रघुपति राघव राजा राम, भाजपा को विदा कर दे भगवान' तथा 'गांधी-पीर अली का है बिहार, नहीं बनेगी भाजपा सरकार' जैसे जुमले सुनने को नहीं मिले हैं। हालांकि, लालू का अंदाज आज भी वही है। हाल ही में बिहार में कांग्रेस से गठबंधन को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्‍होंने अपने ठेठ अंदाज में बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्‍त चरण दास का 'भकचोन्‍हर' (बेवकूफ) कह अपने पुराने अंदाज की झलक दिखा दी थी।

Edited By: Amit Alok