पटना [जेएनएन]। अब प्रदेश के स्कूलों में लापरवाही नहीं चलेगी। हर स्कूलों पर शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की उपस्थिति, भोजन की गुणवत्ता आदि पर मोबाइल एप के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। स्कूलों की हर गतिविधियों पर मोबाइल एप अपनी जानकारी रखेगा।

प्रदेश के प्रारंभिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने का काम शुरू कर दिया गया। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला से प्रखंड तक के अफसरों को कम से कम पांच स्कूलों के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। अधिकारी स्कूल की तमाम गतिविधियों का आकलन करने के बाद उसे बेस्ट (बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग) मोबाइल एप पर दर्ज करेंगे।

बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक संजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक स्कूलों की मॉनीट¨रग 16 अप्रैल से बेस्ट (बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग) मोबाइल एप के माध्यम से शुरू कर दी गई है। जिलों से लेकर प्रखंड तक के अफसरों को पांच-पांच स्कूलों का लक्ष्य दिया गया है। अधिकारी अपने प्रभार वाले क्षेत्र के स्कूलों का मुआयना कर एप के माध्यम से तमाम जानकारियां दर्ज करते रहेंगे। हेड मास्टर स्कूल में मौजूद रहे या नहीं। शिक्षकों की कुल संख्या कितनी और निरीक्षण के दौरान कितने शिक्षक स्कूल में मौजूद रहे।

बच्चों की उपस्थिति का प्रतिशत कितना रहा। इस मोबाइल एप में प्रारंभिक स्कूलों का पूरा विवरण और कई प्रश्न पहले से सुरक्षित कर दिए गए हैं। मॉनीट¨रग अफसर संबंधित स्कूल में जाएंगे और स्कूल से जुड़े प्रश्नों का उत्तर मोबाइल एप में दर्ज करेंगे। संजय सिंह ने बताया कि स्कूलों में शिक्षक-छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों की कुल संख्या, स्कूल मुआयने के दिन मौजूद छात्रों की संख्या के साथ ही स्कूल से जुड़ी अन्य जानकारियां सरकार को समय पर मिले इसके लिए एप विकसित किया गया है। इससे स्कूलों की रियल टाइम मॉनीट¨रग की जा सकेगी।

Posted By: Jagran