FIR दर्ज न होने पर भड़की RJD सांसद मीसा भारती, गुस्से में मीडिया के सामने फाड़ी आवेदन की कॉपी
राजद सांसद मीसा भारती मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ जमुई पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज ...और पढ़ें
HighLights
राजद सांसद मीसा भारती मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचीं।
पटना पुलिस ने जमुई पीड़िता की पहचान उजागर करने का आवेदन नहीं लिया।
आवेदन स्वीकार न होने पर मीसा भारती ने गुस्से में कॉपी फाड़ दी।
डिजिटल डेस्क, पटना। राजद सहित दूसरे कई विपक्षी दल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर आरोप लगा रहे कि उन्होंने जमुई में छेड़खानी पीड़िता की पहचान को उजागर कर दिया। पाटलिपुत्र से राजद सांसद मीसा भारती इस प्रकरण पर कानूनी कार्रवाई के लिए पटना थाने पहुंची।
शुक्रवार को वे थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचीं, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं हुआ। आवेदन स्वीकर न होने पर वह गुस्से में नजर आईं। मीडिया के सामने ही उन्होंने आवेदन की कॉपी फाड़ दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सरकार पर कसा तंज
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हमको संविधान ये अधिकार नहीं देता है कि एक सांसद एक आम नागरिक थाने में केस नहीं दर्ज कर सकता। उन्होंने कहा कि जब पुलिस आवेदन की कॉपी ले ही नहीं रहा है तो क्या ही करें, फाड़ ही देंगे।
मामला मुख्यमंत्री के एक्स हैंडल से पोस्ट तस्वीर से जुड़ा है। उसमें पीड़िता और उसके स्वजनों के साथ मुख्यमंत्री दिख रहे थे। हालांकि, कुछ देर बाद वह पोस्ट हटा दिया गया। उसे पोस्ट करने वाले सागर प्रसाद (मुख्यमंत्री कार्यालय में स्टेनोग्राफर) के विरुद्ध सचिवालय थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है।
हालांकि, इस बीच राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती ने उस पोस्ट का स्क्रीन-शॉट सुरक्षित कर लिया। टीका-टिप्पणी के बाद मीसा सचिवालय थाने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वे पांच घंटे से थाने में बैठी रहीं, लेकिन आवेदन नहीं लिया गया।
