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CM सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराने थाने पहुंचीं मीसा भारती, पटना पुलिस ने नहीं लिया आवेदन

By Shubham KumarEdited By: Radha Krishna
Published: Fri, 25 Sep 2026 09:25 PM (IST)

राजद सांसद मीसा भारती ने जमुई की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ...और पढ़ें

CM पर POCSO के तहत कार्रवाई की मांग

CM पर POCSO के तहत कार्रवाई की मांग

HighLights

  1. मीसा भारती ने सीएम सम्राट चौधरी पर POCSO उल्लंघन का आरोप लगाया।

  2. पटना पुलिस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने से मना किया।

  3. सांसद ने नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने पर सवाल उठाए।

जागरण संवाददाता, पटना। जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। राजद सांसद मीसा भारती शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पटना के सचिवालय थाने पहुंचीं। मीसा भारती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका आवेदन नहीं लिया।

‘सांसद की FIR नहीं हो रही तो आम आदमी का क्या होगा’

मीसा भारती ने कहा कि वह निर्वाचित सांसद हैं और इसके बावजूद उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक जनप्रतिनिधि की शिकायत थाने में नहीं सुनी जा रही है तो बिहार में आम लोगों की स्थिति क्या होगी।

उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक विवाद को लेकर थाने नहीं आई हैं, बल्कि जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई की मांग करने पहुंची हैं।

CM पर POCSO के तहत कार्रवाई की मांग

मीसा भारती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से नाबालिग की पहचान उजागर होने का मामला बनता है। तस्वीर बाद में हटा दी गई थी। RJD नेताओं ने इसे POCSO कानून से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने जमुई मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। ऐसे में मुख्यमंत्री के मामले में भी कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

‘सम्राट चौधरी CM के साथ गृह विभाग भी संभालते हैं’

मीसा भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री के साथ गृह विभाग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सामने आ रही घटनाओं पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।

उन्होंने जमुई समेत पिछले कुछ दिनों में सामने आए मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने पर ध्यान देना चाहिए।

जमुई मामले में पहले से चल रही कार्रवाई

जमुई में कोचिंग से लौट रहे किशोर और किशोरी को कथित तौर पर कुछ लोगों ने रोककर उनके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़िता और उसके स्वजन से मुलाकात कर एक माह के भीतर स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बाद उनके सोशल मीडिया हैंडल से परिवार के साथ एक तस्वीर साझा हुई, जिसे बाद में हटा दिया गया।

FIR दर्ज नहीं हुई तो आगे कार्रवाई का संकेत

मीसा भारती ने कहा कि यदि उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है तो इस मामले को आगे भी उठाया जाएगा। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को कानून और नागरिकों के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

इस मामले में फिलहाल RJD की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR की मांग की गई है। मुख्यमंत्री या बिहार सरकार की ओर से मीसा भारती के ताजा आरोपों पर अलग से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।

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