राज्य ब्यूरो, पटना : राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा की ओर से भी यथासंभव तैयारी की जा रही है। कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद अपने कर्मपथ पर लौटे विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान 23 मार्च को सदन में मारपीट के मामले में विधानसभा की आचार समिति में राजद के 18 विधायकों पर तलवार लटकी हुई है। सूचना है कि सोमवार को समिति ने अचानक बैठक बुलाकर दो विधायकों को कठोर और 16 को कठोरतम सजा की अनुशंसा की है। अब गेंद विधानसभा अध्यक्ष के पाले में है। कभी भी निर्णय लिया जा सकता है। ऐसा हुआ तो राजद के 16 विधायकों की सदस्यता छिन सकती है। 

एक दिन में कोरोना पाजिटिव से निगेटिव हुए स्पीकर

विधानसभा अध्यक्ष सात अगस्त को कोरोना संक्रमित हुए थे। किंतु सिर्फ एक दिन के भीतर सोमवार को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। यह सूचना विधानसभा के उप निदेशक संजय कुमार सिंह की तरफ से मीडिया को दी गई। विजय सिन्हा ने अपने ट्विटर एकाउंट पर भी इसका उल्लेख किया है कि वह एक दिन के भीतर ही पाजीटिव से निगेटिव होकर अपने कर्म पथ पर लौट आए हैं। 

विपक्ष के विधायकों ने सदन में जमकर किया थाहंगामा

पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम को पारित कराने के दौरान 23 मार्च 2021 को विपक्ष के विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया था। मारपीट के आरोप भी लगाए गए थे। हंगामा इतना ज्यादा हुआ था कि मार्शल को बुलाना पड़ा था। सदन के बाहर भी विधायकों की सुरक्षा कर्मियों द्वारा पिटाई की बात आई थी। मामले को जांच के लिए आचार समिति को सौंपा गया था। आचार समिति के सभापति भाजपा विधायक राम नारायण मंडल हैैं। समिति में ज्ञानेंद्र ज्ञानू, अरुण सिन्हा, रामविशुन सिंह व अचमित ऋषिदेव सदस्य के रूप में शामिल हैं।

Edited By: Akshay Pandey