दिलीप ओझा, पटना : उद्यमिता के क्षेत्र को समृद्ध करने के मकसद से बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए) अपने सामाजिक दायित्व के तहत नया अध्याय लिख रहा है। बीआइए महिलाओं को बिना शुल्क लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण दे रहा है। युवाओं को वेंचरपार्क के जरिये उद्यमी बनाने के साथ पहल की जा रही है। बीआइए के नेटवर्किंग कमेटी के चेयरपर्सन मनीष तिवारी बताते हैं कि महिलाओं को कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने के लिए बीआइए परिसर में ही ट्रेनिंग सेंटर खोला है। अब तक छह बैच को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।प्रत्येक बैच में 30 से 35 महिलाओं को शामिल किया जाता है।

प्रशिक्षण के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। करीब 200 महिलाओं को अब तक कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह सिलसिला लगातार चल रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कुछ महिलाएं जॉब कर रही हैं वहीं कुछ अपना कार्य कर रही हैं।

वेंचरपार्क दे रहा है कई मौके
बीआइए के परिसर में वेंचरपार्क की स्थापना की गई है। इसके तहत युवाओं से उनका नया बिजनेस आइडिया मांगा जाता है। चयनित आइडिया को बिजनेस की शक्ल दी जाती है। एसोसिएशन चयनित आइडिया पर काम करने के लिए बिना शुल्क के जगह मिलती है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की देखरेख में काम शुरू कराया जाता है। कंपनी के रूप में इसे शक्ल देने में प्रोजेक्ट व जरूरी कागजात तैयार कराने आदि में भी एसोसिएशन मदद करती है। तीन सर्वश्रेष्ठ आइडिया को एक लाख, पचास हजार व तीस हजार रुपये की मदद भी एसोसिएशन देता है।

मनीष तिवारी ने कहा कि वेंचरपार्क के संचालन में बिहार सरकार का उद्योग विभाग भी मदद कर रहा है। एक दर्जन से युवाओं -युवतियों को एसोसिएशन सफल उद्यमी बना चुका है। दो सत्र पूरा हो चुके हैं। तीसरे सत्र के लिए पुन: आवेदन मांगा जा चुका है। अब चयन समिति इनकी नई बिजनेस आइडिया को परख रही है।

एससी-एसटी के युवाओं के लिए भी पहल
एससी-एसटी वर्ग के युवाओं के लिए नई पहल की गई है। एसोसिएशन आनेवाले दिनों में इन्हें उद्यमिता की राह दिखाने के लिए कार्यशाला और प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा। महिला उद्यमियों के लिए एसोसिएशन विशेष पहल कर रहा है। इन्हें प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में मदद दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की ओर से संचालित उद्यम से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सुविधा समागम का भी आयोजन शुरू किया गया है।

डेयरी और मधुमक्‍खी पालन में भी बढ़े कदम
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के साथ ही डेयरी व मधुमक्खी पालन की दिशा में सामाजिक दायित्व के तहत कार्य हो रहा है। मनीष तिवारी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग आयोग की मदद से इन क्षेत्रों में काम कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण देकर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मकसद यह कि कम से कम पूंजी में युवा वर्ग अपना व्यवसाय शुरू कर सके।

By Krishan Kumar