पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा प्रमुख जीतन राम मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। मांझी बुधवार को पार्टी की ओर से गर्दनीबाग में आयोजित धरना में बोल रहे थे। मांझी ने कहा कि नीतीश सरकार की नाकामी को बताने के लिए वे बिहार में यात्रा निकालेंगे। 

मांझी ने कहा कि बिहार की विधि-व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। एईएस से बच्चे लगातार मर रहे हैं, पर राज्य सरकार सोई हुई है। यदि सरकार ने समय पर बच्चों के इलाज की व्यवस्था की होती तो इतनी बड़ी संख्या में बच्चे नहीं मरते। उन्होंने बच्चों की मौत के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि सरकार जब तक अपनी गलतियों में सुधार नहीं करेगी, उनकी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदेश सरकार के साथ ही केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए मांझी ने कहा कि मोदी सरकार काम में कम बोलने में ज्यादा भरोसा करती है। पुलवामा के नाम पर चुनाव जीतने वाले मोदी को जनता को बताना चाहिए कि पुलवामा में 300 आरडीएक्स कैसे पहुंचा। यह मोदी सरकार की विफलता का बड़ा नमूना है। 

धरना के दौरान मांझी ने पार्टी के कई कार्यक्रमों की घोषणा भी की। बोले, नौ अगस्त क्रांति दिवस से उनकी पार्टी सदस्यता अभियान शुरू करेगी। यदि प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो कॉमन स्कूल सिस्टम लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र की सरकार की नाकामी की जानकारी जनता को देने के लिए वे रथ से बिहार के दौरे पर निकलेंगे। इसके साथ ही 20 अक्टूबर को पटना में कार्यकर्ता सम्मेलन कर पार्टी नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग करेगी।

धरना को संतोष कुमार, अनिल कुमार, उपेंद्र प्रसाद, दानिश रिजवान, धीरेंद्र कुमार मुन्ना, अमरेंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र मांझी, रंजीत चंद्रवंशी के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष बीएल बैश्यंत्री ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन पार्टी उपाध्यक्ष रंजीत कुमार चंद्रवंशी, रामविलास प्रसाद और अनिल रजक ने किया। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rajesh Thakur