पटना सिटी। तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब के दिवगंत मुख्यग्रंथी भाई राजेन्द्र सिंह की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद शनिवार की दोपहर दरबार साहिब में श्रद्धाजंलि सभा की जाएगी। शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे होने वाली श्रद्धाजंलि सभा को लेकर सेवादारों तथा संगतों ने बैठक कर रणनीति तय किया। श्रद्धाजंलि सभा को लेकर मुख्यग्रंथी के पुत्र सरदार दया सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर-ए-मस्कीन को कार्यक्रम में नहीं शामिल होने की अपील की है। प्रबंधक समिति के सदस्य भी दो गुटों में बंटे दिखे। तख्त श्री हरिमंदिर परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

शुक्रवार की रात चितकोहरा गुरुद्वारा के प्रधान सरदार जगजीवन सिंह की अध्यक्षता में बारा गली स्थित श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी में सेवादारों व संगतों की बैठक हुई। बैठक में प्रबंधक समिति के सदस्यों में सरदार राजा सिंह, सरदार एमपीएस ढिल्लन, सरदार महेंद्र सिंह छाबड़ा, खत्री समाज के अनंत अरोड़ा, बीएन कपूर, सरदार तारा सिंह, सरदार दीपक सिंह समेत अन्य ने मुख्यग्रंथी भाई राजेंद्र सिंह की हत्या पर गहरा रोष जताते हुए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। मुख्य ग्रंथी के मंझले पुत्र दया सिंह ने पिता की हत्या का आरोप प्रबंधक समिति के पदाधिकारी पर लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके पिता मुख्यग्रंथी के पद लेकर चल रही सियासत और साजिश के शिकार हो गए। पिता की मौत के बाद अतिरिक्त मुख्यग्रंथी भाई बलदेव सिंह को मुख्यग्रंथी बनाने की मांग की गई। बैठक का संचालन कर रहे सरदार त्रिलोक सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण की सूचना प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों और प्रशासन को दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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