पटना । पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के फ्लैट समेत दर्जनभर अपार्टमेंट में चोरी की घटनाएं अंजाम देने वाले शाहगंज गिरोह का सरगना मो. रजा के बारे मे जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। वह एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में 12 हजार रुपये की नौकरी करता था। क्राइम उपन्यास और सीरियल के शौकीन रजा ने नौकरी छोड़ने के बाद चोरों का गिरोह बना लिया। गिरोह के सभी सदस्य अलग-अलग विधा में माहिर हैं।

रजा के साथ पकड़ा गया मो. अफसर गिरोह का उम्रदराज सदस्य है। जब कभी कैफी और रजा एसी मैकेनिक बनकर अपार्टमेंट जाते और गार्ड उन्हें टोकता तो वे अफसर को कॉल लगाकर देते थे। अफसर की भारी आवाज में फ्लैट मालिक बनकर गार्ड को ऊपर भेजने के लिए कहता था। उसका काम अपार्टमेंट के आसपास खड़े होकर बाहरी गतिविधियों पर नजर रखना था। एक टीवी सीरियल से प्रेरित होकर रजा जांघ में पिस्टल बांधकर घूमने लगा। कैफी का काम चोरी के जेवरात की बिक्री कराना था। रजा ने गिरोह बनाने के बाद सदस्यों को ट्रेनिंग दी थी। इसमें उसने ब्रांडेड कपड़े, चश्मे के साथ कंधे पर नामी कंपनी का बैग लेकर घूमने को कहा था। इससे लोग उनपर शक नहीं करते थे। एक साथ गिरोह के सदस्य दो टुकड़ी में चोरी करने जाते थे, ताकि अगर कभी वे पकड़े भी जाएं तो दूसरे ग्रुप का पता नहीं चल सके। जक्कनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरोह के चार चोर और एक स्वर्ण व्यवसायी की पुलिस को तलाश है। गिरफ्तार आरोपितों के बैंक अकाउंट के डिटेल खंगाले जा रहे हैं।

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Posted By: Jagran

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