विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

श्रीबाबू की जयंती के बहाने अगड़ा वोट साधने में जुटी कांग्रेस, खरगे आज पटना में

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:16 PM (IST)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह में शामिल होंगे। पार्टी इस आयोजन के जरिए ...और पढ़ें

राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

HighLights

  1. खरगे पटना में श्रीबाबू जयंती समारोह में होंगे शामिल।

  2. कांग्रेस का लक्ष्य अगड़े वोट बैंक को आकर्षित करना।

  3. बिहार में राजनीतिक जमीन मजबूत करने की पार्टी की रणनीति।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के पहले मुख्यमंत्री और बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के बहाने कांग्रेस की नजर अगड़े वोट बैंक पर है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को पटना पहुंचेंगे और गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में आयोजित जयंती समारोह में शामिल होंगे।

विधानसभा चुनाव के बाद अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी कांग्रेस इस आयोजन के जरिए सवर्ण मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने का संदेश देना चाहती है।

दोपहर 12:15 बजे पटना पहुंचेंगे खरगे

खरगे रविवार को दोपहर करीब 12:15 बजे पटना पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है।

बापू सभागार में आयोजित समारोह में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

श्रीबाबू की विरासत के सहारे सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता और बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे। भूमिहार समाज से आने वाले श्रीबाबू की राजनीतिक विरासत आज भी बिहार की राजनीति में अहम मानी जाती है।

ऐसे में उनकी जयंती पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी को पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

सवर्ण मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ाने पर नजर

कांग्रेस इस आयोजन के जरिए श्रीबाबू की विरासत को याद करने के साथ अगड़ी जातियों, खासकर सवर्ण मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।

पार्टी के लिए यह कार्यक्रम अपनी विचारधारा और ऐतिहासिक राजनीतिक संबंधों को दोबारा रेखांकित करने का अवसर भी है।

चुनाव के बाद संगठन मजबूत करने की चुनौती

बिहार में कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और अपने परंपरागत समर्थक वर्गों के बीच जनाधार बढ़ाने की चुनौती है। ऐसे में श्रीबाबू की जयंती का आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य में पार्टी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने और सामाजिक समीकरणों को साधने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।