महावीर मंदिर के बुकिंग इंचार्ज हरिकांत प्रसाद ने बताया कि प्रथम तल्ले पर शिव पार्वती मंदिर में 15 यजमान, ग्राउंड फ्लोर पर हनुमान मंदिर के बगल वाले शिवलिंग के पास 15 यजमान और गर्भगृह में शनि भगवान के नीचे 15 यजमान पूजा करेंगे।
मंदिर खुलने से लेकर मंदिर के पट बंद होने तक यह पूजा करायी जायेगी। खाजपुरा के प्रसिद्ध शिव मंदिर, बाेरिंग रोड चौराहा शिव मंदिर और कंकड़बाग के जलेश्वर महादेव मंदिर सहित तमाम शिव मंदिरों में भी आज रुद्राभिषेक करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ेगी।
जक्कनपुर में हाथी-घोड़े के साथ निकलेगी बरात
महाशिवरात्रि पर जक्कनपुर से हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ शिवजी की बैंड-बाजे की धुन पर बरात निकलेगी।चार से पांच हजार महिलाएं और पुरुष एक वेश में इस बरात में शामिल होंगे और शिवजी के गणधर तो खास आकर्षण तो होंगे ही। इसमें भूत बेताल की साज सज्जा पटना के प्रमुख रंगकर्मी करेंगे। 25 फरवरी को शाम में पांच बजे से अटूट भंडारा का आयोजन किया जायेगा।
अशोक नगर में होगा तांडव
महाशिवरात्रि पर अशोक नगर रोड नंबर एक में तांडव नृत्य के साथ शिवजी के जीवनी पर नृत्य नाटिका आयोजित होगी। दक्षिणी पटना के सैकड़ों लोग यहां जुटेंगे और पटना के साथ ही बिहार भर के कलाकारों की कला का आनंद लेंगे। शाम चार बजे से रात दस बजे तक कार्यक्रम आयोजित होगा।
मोदी भजन संध्या का उद्घाटन करेंगे
इधर कंकड़बाग कॉलोनी के आनंद नाथ शिव मंदिर में अखंड पाठ शुरू हो गया है। यहां सुबह 9:40 से आज सुबह 9:40 तक अखंड पाठ होगा। सुबह में पूजा होगी उसके बाद दोपहर एक से छह बजे तक बरात निकलेगी। बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र, अशोक राजपथ, बाइपास, कदमकुआं, राजापुर पुल, दीघा, राजीव नगर, इंद्रपुरी, महेश नगर, शिवपुरी, राजा बाजार, आशियाना, रामकृष्ण नगर, महेंद्रू सहित शिव मंदिरों में विशेष पूजा होगी।
-ऊं नम: शिवाय का जाप करें
-वैदिक विधि विधान से रुद्राभिषेक करें
-फूल, अरवा चावल, गाय का कच्चा दूध, मधु, चंदन, बेल पत्ता, गन्ने का रस, धान का पत्ता, धतूरे का फल और फूल एकत्रित कर भगवान शिव को चढ़ाएं
-पूजा के अंत में शुद्ध जल और गंगा जल चढ़ाकर पूजा और आरती करें इस मंत्र का करें जाप
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्मांगरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै ‘न’ काराय नम: शिवाय ॥ १॥
मन्दाकिनी सलिल चन्दन चर्चिताय, नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय, तस्मै ‘म’ काराय नम: शिवाय ॥ २॥
शिवाय गौरी वदनाब्ज वृन्द, सूर्याय दक्षाध्वर नाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै ‘शि’ काराय नम: शिवाय ॥ ३॥
वसिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य, मुनीन्द्रदे वार्चित शेखराय।
चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय, तस्मै ‘व’ काराय नम: शिवाय ॥ ४॥
यक्षस्वरूपाय जटाधराय, पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय, तस्मै ‘य’ काराय नम: शिवाय ॥ ५॥
पंचाक्षरमिदं पुण्यं, य: पठेत शिव सन्निधौ।
शिवलोकम अवाप्नोति, शिवेन सह मोदते ॥ ६॥
इति शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रं सम्पूर्णम्