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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में जमीन विवाद के निबटारे के लिए बना वाट्सऐप ग्रुप, अब जल्द सुलझ जाएंगे मामले

By Akshay PandeyEdited By:
Published: Sun, 31 Oct 2021 09:47 PM (IST)

गृह विभाग से जुड़े मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एमआइएस) के पोर्टल पर भूमि विवाद के लिए तैयार माड्यूल में संशोधन करने ...और पढ़ें

बिहार में अब जमीन का विवाद जल्द निबटाया जाएगा। सांकेतिक तस्वीर।
बिहार में अब जमीन का विवाद जल्द निबटाया जाएगा। सांकेतिक तस्वीर।

राज्य ब्यूरो, पटना : भूमि विवाद से जुड़े मामलों की गृह विभाग त्रिस्तरीय समीक्षा करेगा। इसके लिए थाना, अनुमंडल व जिला स्तर पर अलग-अलग रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए गृह विभाग से जुड़े मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एमआइएस) के पोर्टल पर भूमि विवाद के लिए तैयार माड्यूल में संशोधन करने का निर्देश भी आइटी मैनेजर को दिया गया है। इसके अलावा गृह विभाग ने हर माह भूमि विवाद के आने वाले नए मामलों व निबटाए गए मामलों का डाटा भी आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। इससे जिलावार मानीटरिंग हो सकेगी कि कहां अधिक मामले आ रहे हैं और किन-किन जिलों में मामलों का निष्पादन हो रहा है। इसके साथ ही जल्द जमीन विवादों के निपटारे के लिए अधिकारियों का वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। 

कब्रिस्तानों की घेराबंदी के लिए विशेष दल का गठन

भूमि विवाद के कारण कब्रिस्तान घेराबंदी योजना में हो रही देरी को देखते हुए जिला स्तर पर विशेष दल का गठन करने का निर्देश भी गृह विभाग ने दिया है। इस योजना में फिसड्डी जिलों से अपडेट रिपोर्ट मांगी गई है और संबंधित जिलाधिकारियों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित कराते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिलास्तर पर कब्रिस्तान घेराबंदी योजना से जुड़ी समस्या के निराकरण के लिए अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग करने को भी कहा गया है। इसी तरह मंदिर चारदीवारी योजना से जुड़े अपडेट आंकड़े भी विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने और समस्या के निदान के लिए बैठक करने का निर्देश दिया गया है।

अफसरों का बनाया गया वाट्सऐप ग्रुप

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद से ही भूमि विवाद से जुड़े मामलों के जल्द निबटारे की पहल की जा रही है। इसके लिए गृह विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों का वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। इसमें सभी जिलों के अपर समाहर्ता सहित विभाग के प्रभारी पदाधिकारी एवं संबंधित प्रशाखा पदाधिकारी व सहायक को जोड़ा गया है। इसका मकसद विभाग के बीच आपसी तालमेल से भूमि विवाद के मामलों का त्वरित निबटारा करना है।