पटना [काजल]। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सीट के बंटवारे पर जहां एनडीए में हायतौबा मची है तो वहीं महागठबंधन में भी अब सीटों के बंटवारे पर सरगर्मी बढ़ने लगी है। बिहार में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक दल राजद की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने वाली हैं। एेसे में तेजस्वी तो संविधान बचाओ न्याय यात्रा लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। लेकिन, उनके बड़े भाई तेजप्रताप आजकल मथुरा में चैन की बंसी बजा रहे हैं। 

लालू के कन्हैया  तेज प्रताप यादव इन दिनों अपनी बांसुरी की मधुर राग बिखेरते नजर आ रहे है। तेज प्रताप यादव ने बांसुरी बजाते इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियों में वो गायों के बीच बांसुरी बजाते नजर आ रहे हैं।

वीडियो को पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि कृष्णा की दिव्य बांसुरी की धुन किसी भी समय अपनी राग बिखेरती है। कृष्ण की प्यारी गायें अपने कान फैलाये बांसुरी की मधुर धुन का आनंद लेती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन मनुष्य के दृष्टिकोण को बदलने के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण है। लोगों ने तेज प्रताप के बांसुरी वादन को खूब सराहा।

पिता की शैली में तेजस्वी ने दिया भाषण, लोगों को आई लालू की याद

इन सबसे इतर तेजस्वी यादव आजकल अपनी संविधान बचाओ न्याय यात्रा को लेकर बिहार के विभिन्न जिलोंं में रैली कर रहे हैं। तेजस्वी की ये रैली जहां विवादों से भी घिरती नजर आ रही है तो वहीं तेजस्वी रैली में लोगों के बीच पिता लालू यादव की तरह ही भाषण देकर लोगों की वाहवाही लूट रहे हैं। तेजस्वी को पता है कि आज भी बिहार की जनता लालू की चिर-परिचित भाषा-शैली की कायल है।

तेजस्वी यादव ने मोतिहारी की रैली में लालू यादव की चिर-परिचित शैली में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर तंज कसते हुए उनकी नकल करते हुए रैली में कहा कि-उपमुख्यमंत्री जी, सुशील मोदी जी, अपराधियन के हाथ जोड़कर बोले-एे भाई, अभी तो पितरपख चल रहा है, अभी क्राइम मत कीजिएगा। अभी रहने दीजिए, पंद्रह दिन बाद फिर लगे रहिएगा। इसपर लोगों ने खूब ठहाके लगाए। लोगों को लालू की याद ताजा हो गई। 

तेजप्रताप वृंदावन में बजा रहे बांसुरी

वहीं लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की बात करें तो वो मस्तमौला हैं और अपने बदलते रूपों के लिए जाने जाते हैं। कभी तो वो शिव का रूप धारण करते हैं तो कभी राजमिस्त्री बन जाते हैं। कभी मिठाई बनाने लगते हैं तो कभी सरेआम सत्तू खाकर नहाने लगते हैं। इस बार तेज प्रताप कन्हैया बनकर वृंदावन पहुंचे हैं और श्री कृष्ण की पूजा में लगें हुए हैं।

तेजप्रताप ने वृंदावन से किया फेसबुक लाइव

तेज प्रताप यादव ने श्री कृष्ण नगरी वृन्दावन से फेसबुक लाइव के जरिए लोगों को वहां के प्रमुख स्थलों के बारे में जानकारी देते हुए कई पोस्ट्स किए हैं। जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तेज प्रताप ने इसपर कई ट्वीट भी किए हैं। तेज ने लिखा है कि आज वृंदावन में हूं और आईये दर्शन करते हैं भगवान श्री कृष्ण से जुड़े कुछ पौराणिक स्थलों से...

 

तेजप्रताप ने वृन्दावन में ब्रज दर्शन के दौरान कालीदय, चीर घाट, निधिवन एवं यमुना महारानी जी का भ्रमण करके बाद सरकार को पवित्र स्थलों की उचित देखभाल एवं सफाई की व्यवस्था पर नसीहत भी दे डाली है। 

तेजस्वी ने पिता को याद किया और कहा-लालूजी को फंसाया गया 

वहीं अपने न्याय यात्रा को लेकर छपरा पहुंचे तेजस्वी ने कहा कि ये मेरे पिता की कर्मभूमि रही है। उनके हर सुख-दुख में यहां के लोगों का नाता रहा है। अपने पिता के जेल में होने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विरोधियों को फंसा रही है। जान-बूझकर सबको जेल भेजा जा रहा है। उनके परिवार को कोर्ट पर पूरा भरोसा है।

यहां तेजस्वी ने कहा कि लालू जी के जेल में रहने से निराश होने की जरुरत नहीं है। क्योंकि लालू जी एक विचार हैं। आज जरुरत है हर कार्यकर्ता को लालू बनकर लड़ने की। जनता की अदालत में घूम रहा हूं। जहां तारीख पर तारीख नहीं मिलती और न ही सुनवाई होती है। जनता की इस अदालत में केवल फैसला होता है। उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले चुनाव में छपरा जिला लालटेनमय हो जाएगा।

 

मेरे नीतीश चाचा हैं पलटूराम, दिया धोखा

नीतीश कुमार का नाम लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि मेरे चाचा पलटू राम कहते थे कि मिट्‌टी में मिल जाएंगे परंतु भाजपा से समझौता नहीं करेंगे, परंतु वोट के साथ डकैती कर के वे भाजपा की गोद में चले गए।

विधि व्यवस्था को लेकर तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरह से सूबे में अपराधियों की सरकार चल रही है। हर जगह अपराधियों का ही बोलबाला है। अपराधियों के मन से डर व भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद से दलित समाज पर इसका सीधा असर पड़ा है। इस समाज के हजारों लोग आज जेल में है। पैसे के अभाव में उन्हें बेल नहीं मिल पा रहा है। नीतीश कुमार ने दलित समाज के साथ नाइंसाफी की है।

तेज-तेजस्वी में नहीं है समानता

कहने को तेजप्रताप और तेजस्वी सगे भाई हैं। लेकिन, दोनों की आदतें, विचार जुदा-जुदा हैं। तेजस्वी को जहां बिहार की जनता और राजद लालू का राजनीतिक वारिस मानती है तो वहीं तेजप्रताप को लोग उतना सीरियसली नहीं लेते हैं। लेकिन, कभी-कभी तेजप्रताप का मूड खराब होता है तो वो तेजस्वी के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। उनका गुस्सा यूं आता है और यूं ही उतर जाता है। 

 

Posted By: Kajal Kumari