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कोसी डैम, नदी जोड़ परियोजना और बड़े कॉरिडोर... दिल्ली में सम्राट चौधरी ने केंद्र के सामने रखीं बिहार की ये बड़ी मांगें

Published: Fri, 21 Aug 2026 08:54 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात कर बिहार के विकास से जुड़ी ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

HighLights

  1. कोसी-मेची लिंक परियोजना के पहले चरण के लिए राशि मांगी।

  2. कोसी हाई लेवल डैम की डीपीआर जल्द पूरी करने पर जोर।

  3. विक्रमशिला विश्वविद्यालय, निफ्टम के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हों।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में राज्य के विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। बैठक में केंद्रीय बजट में बिहार के लिए की गई घोषणाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बिहार के लिए अपेक्षित सहयोग और लंबित परियोजनाओं पर जल्द कार्रवाई का अनुरोध किया।

बैठक में कोसी-मेची लिंक, कोसी हाई लेवल डैम, सोन-फल्गू रिवर लिंक और धार्मिक कॉरिडोर समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

कोसी-मेची लिंक के पहले चरण के लिए मांगी राशि

मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची अंतरराज्यीय नदी जोड़ परियोजना के पहले चरण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही परियोजना के दूसरे चरण को तकनीकी मंजूरी देने पर भी जोर दिया गया।

राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के आगे बढ़ने से बिहार में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। बैठक में परियोजना से जुड़े लंबित विषयों पर केंद्र के सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

कोसी हाई लेवल डैम का डीपीआर जल्द पूरा करने पर जोर

कोसी नदी पर प्रस्तावित हाई लेवल डैम की डीपीआर जल्द पूरी कराने का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण और जल शक्ति मंत्रालय से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई तेज करने की मांग की।

मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना आगे बढ़ने से सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई, कृषि और जल प्रबंधन को लाभ मिलने की उम्मीद है। सप्त कोसी परियोजना से जुड़े विषयों पर भी बैठक में चर्चा की गई।

तकनीकी समिति में बिहार का सदस्य भी होगा शामिल

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कोसी हाई लेवल डैम से जुड़ी संयुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति में बिहार का एक सदस्य शामिल रहेगा। इससे परियोजना से संबंधित तकनीकी और राज्य हितों के मुद्दों में बिहार की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

हाई लेवल डैम और कोसी से जुड़ी परियोजनाएं बिहार के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रही हैं। खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में बाढ़ तथा जल प्रबंधन के लिहाज से इन परियोजनाओं को अहम माना जाता है।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय और निफ्टम का मुद्दा भी उठा

बैठक में भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए बिहार सरकार ने 219 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी है और केंद्र से काम जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया गया है।

इसी तरह हाजीपुर में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) के लिए राज्य सरकार 100 एकड़ भूमि उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोनों संस्थानों का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की।

सोन-फल्गू लिंक और धार्मिक कॉरिडोर पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने सोन-फल्गू रिवर लिंक परियोजना का काम जल्द शुरू कराने की ओर भी केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के कार्य में तेजी लाने पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने इसे सकारात्मक बताया और कहा कि बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र की ओर से सहयोग और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

बैठक में विजय चौधरी और संजय झा भी रहे मौजूद

दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा भी शामिल रहे।

बैठक में बिहार के आधारभूत ढांचे के विस्तार, लंबित विकास परियोजनाओं और राज्य के लिए अधिक केंद्रीय संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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