पटना, जेएनएन। नौकरी के चक्कर में जालसाजी का शिकार हुए युवक ने अपने दो लाख रुपये पाने के लिए दोस्त के साथ मिलकर ठग को उठा लिया। लेकिन, अपहरण के आरोप में वे हवालात पहुंच गए। वाकया शनिवार की दोपहर कोतवाली टी के पास हुआ। पुलिस ने अपहरण के आरोप में दो युवकों और उनके बयान पर ठग को गिरफ्तार कर लिया है।

डीएसपी (विधि-व्यवस्था) डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि रुपयों के लेन-देन के कारण घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। सीतामढ़ी जिले के बेला थानांतर्गत मुजोलिया गांव का मूल निवासी राजीव कुमार पासवान (28) इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है। अभी वह दानापुर में आरपीएस इंजीनियरिंग कॉलेज कैलाशपुरी में इंडियन ओवरसीज बैंक के पास रहकर ठेकेदारी करता है।

रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

इसके अलावा रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का भी कारोबार करता है। उसने सुपौल जिले के छातापुर थानांतर्गत चकला गांव निवासी सुरेंद्र कुमार सुमन से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये लिए थे। नौकरी लगाने के लिए वह और पैसे मांग रहा था। जब सुरेंद्र ने उससे रकम लौटाने के लिए कहा तो वह आनाकानी करने लगा। तब सुरेंद्र के भाई शैलेंद्र कुमार सुमन (24) ने रकम वापसी के लिए दोस्त कुंदन कुमार (27) के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रच डाली।

कुंदन मूलरूप से आरा जिले के नवादा थानांतर्गत विष्णु नगर भिलाई रोड मकान संख्या 27 का निवासी है। वर्तमान में वह कंकड़बाग थानांतर्गत अशोक नगर रोड नंबर आठ में रह रहा था। शनिवार को शैलेंद्र कुंदन के अशोक नगर स्थित पते पर आया। दोनों ने मिलकर पटना जंक्शन से भाड़े पर स्कॉर्पियो ली, जिसका चालक नागेश्वर कुमार (42) था।

नागेश्वर कंकड़बाग की कुम्हार टोली का रहने वाला है। शैलेंद्र ने नौकरी के लिए और रुपये देने का लालच देकर राजीव को मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में बुलाया। इसके बाद उसे गाड़ी में बिठाकर मारपीट करने लगे। स्कॉर्पियो में मारपीट शुरू होते ही चालक घबरा गया और उसने कोतवाली टी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने गाड़ी खड़ी कर दी। इसके बाद पुलिस ने वाहन सवार सभी युवकों को हिरासत में ले लिया और थाने लेकर चली गई।

Posted By: Akshay Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस