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मोकामा: जिसके अपहरण केस में 3 साल कोर्ट के चक्कर काटे पड़ोसी, वह हिमाचल में कर रहा था नौकरी

Published: Wed, 04 Nov 2026 07:26 PM (IST)

मोकामा में तीन साल पहले दर्ज अपहरण के एक मामले में लापता व्यक्ति हिमाचल प्रदेश में नौकरी करता मिला। इस ...और पढ़ें

अपहरण केस में 3 साल कोर्ट के चक्कर काटे पड़ोसी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

अपहरण केस में 3 साल कोर्ट के चक्कर काटे पड़ोसी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. मोकामा से लापता युवक तीन साल बाद हिमाचल में मिला.

  2. दवा कंपनी में नौकरी कर रहा था कथित अपहृत.

  3. अपहरण के आरोप में पड़ोसियों ने झेली कोर्ट की यातना.

संवाद सूत्र, मोकामा। जिस शख़्स के कथित अपहरण मामले में एक परिवार के चार सदस्यों ने तीन साल तक अदालत का चक्कर लगाया,कोर्ट से जमानत कराई,वह व्यक्ति हिमाचल प्रदेश में एक दवा कंपनी में काम कर रहा था। इस दौरान तीन साल पहले मोकामा थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी की जांच चार अलग-अलग अधिकारियों ने की,लेकिन कथित अगवा युवक का सुराग ढूंढने में सफलता नहीं मिली।

तीन साल बाद अब जाकर मोकामा पुलिस अथक प्रयास कर अगवा युवक का सुराग पाने में कामयाब हो सकी।जानकारी के अनुसार,मोकामा थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव वार्ड नंबर- 11 से वर्ष 2023 में अपने पड़ोसी से मारपीट की हुई घटना के बाद जख्मी युवक मिथिलेश बिंद अचानक गायब हो गया था।

अचानक लापता होने पर अपहरण का शक 

स्वजन को घायल युवक के अचानक लापता होने पर अपहरण का शक पैदा हो गया,जिसके आधार पर पत्नी कारी देवी ने मोकामा थाना में बच्चू सहनी समेत चार लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज करा दिया था।

मोकामा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कांड संख्या 274/2023 दर्ज कर जांच शुरु कर दी।मोकामा पुलिस ने कथित रुप से अगवा युवक मिथिलेश बिंद की सकुशल बरामदगी के लिए कई ठिकानों पर छापेमारी भी की,लेकिन परिणाम शून्य रहा। इस दौरान पुलिस के बढ़ते दबाव से घबराकर मुख्य आरोपित बच्चू सहनी समेत परिवार के चार आरोपितों ने अदालत से जमानत करा ली।

तीन साल तक फ़ाइलों में ही धूल फांकता रहा मामला

अपहरण का यह मामला तीन साल तक फ़ाइलों में ही धूल फांकता रहा।इस दौरान चार अधिकारियो को केस का भी प्रभार मिला।उन्होंने पूरी ईमानदारी से मामले की जांच भी की,लेकिन जांच की दिशा फाइलों में ही भटकती रही।जांचकर्त्ता पुलिस अधिकारियों ने कथित अगवा युवक मिथिलेश बिंद को खोजने की भी भरपूर कोशिश की,लेकिन मोकामा पुलिस अपने मकसद में सफल नहीं हो सकी।

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इस कांड के पांचवें अनुसंधानकर्त्ता मृत्युंजय कुमार ने काफी गहराई से मामले की तफ्तीश शुरु की तो कथित अपहृत युवक का सुराग मिलता चला गया।जांच अधिकारी की कवायद उस समय सफल हुई,जब मिथिलेश बिंद से मोबाइल फोन पर संपर्क स्थापित हो गया।

हिमाचल प्रदेश से बरहपुर घर सकुशल पहुंचा

दारोगा मृत्युंजय कुमार के आश्वासन के बाद कथित रुप से अपहृत युवक हिमाचल प्रदेश से बरहपुर घर सकुशल पहुंचा। घर पहुंचते ही पुलिस ने युवक का कोर्ट में बयान दर्ज करा दिया है।मिथिलेश बिंद ने बताया कि घर से भागने के बाद हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के एशिया प्रसिद्ध दवा फैक्ट्री बद्दी में एक दवा कंपनी में वह काम कर रहा था।

इधर,युवक के कथित रुप से अपहरण मामले में आरोपित बच्चू सहनी और उसके तीन अन्य स्वजन तीन साल तक अदालत का चक्कर काटते रहे।शारीरिक,आर्थिक और मानसिक यातना ने सभी आरोपितों का जीना मुश्किल कर दिया।युवक की घर वापसी पर मोकामा पुलिस ने जांच की दिशा और बढ़ा दी है।

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