जागरण टीम, पटना। राज्य के विभिन्न न्यायालयों में भारत सरकार के अधिवक्ताओं के राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन पटना के किदवईपूरी स्थित ठाकुर प्रसाद कम्युनिटी हाल में शनिवार को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पटना हाई कोर्ट के जस्टिस एस कुमार थे। आयोजन का उद्घाटन जस्टिस एस कुमार, जस्टिस अंजनी कुमार शरण, पटना हाई कोर्ट में भारत सरकार के एडिशनल सालिसिटर जनरल डा. के एन सिंह व बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का संचालन राधिका रमन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जस्टिस एस कुमार ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम बीच-बीच में किया जाना जरूरी है। ताकि जो कठिनाइयां महसूस होती हैं उसका समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिवक्ताओं को पूरी तरह से तैयारी करके कोर्ट के समक्ष पक्ष रखना चाहिए। आवेदक के पक्ष वाले मुकदमों में कानून के मुताबिक पक्ष रखना चाहिए और मुकदमों में कोई भ्रम हो तो ऐसी स्थिति में विचार विमर्श करके आगे बढ़ना चाहिए।

दिल्ली से कार्यक्रम में जुड़े रविशंकर प्रसाद

कार्यक्रम को जस्टिस अंजनी कुमार शरण, डा. के एन सिंह व बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की दूसरी पाली में "संविधान और कानून - मोदी सरकार के सुधार के बढ़ते कदम" पर अधिवक्ताओं की विचार गोष्ठी हुई। दूसरी पाली में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय सिन्हा, बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद व राज्य के पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा देश में किए जा रहे हर क्षेत्र में विकास और कानूनी सुधार पर विस्तार से अपनी-अपनी बातों को रखा। रविशंकर प्रसाद दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़े। भाजपा चुनाव आयोग सेल के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक टी एन ठाकुर, हरेंद्र प्रसाद सिंह, अवधेश कुमार पांडेय, गोपाल कृष्ण अग्रवाल समेत अन्य गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

Edited By: Akshay Pandey

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