पटना। लोकनायक जयप्रकाश की जयंती पर कदमकुआं स्थित महिला चरखा समिति को सुंदर ढंग से सजाया गया था। परिसर में मौजूद जेपी के जीवन से जुड़ी यादें में तस्वीरों के साथ उनकी प्रतिमा और कमरे आदि की साफ-सफाई की गई। इस खास मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधायक अरूण कुमार सिन्हा सहित कई गणमान्य लोगों ने परिसर में पहुंचकर न केवल जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, बल्कि जिस कमरे में जेपी ने अपने जीवन की अंतिम सांसे ली थीं, वहां जाकर मोदी ने कुछ पल व्यतीत किए। परिसर में बने जेपी संग्रहालय में जय प्रकाश के जीवन से जुड़ी हर तस्वीर को बारीकी से देखा। इसके बाद मोदी ने चरखा समिति के अतिथि रजिस्टर पर अपना नाम अंकित किया।

जेपी की कुर्सी को देख पुराने दिनों को किया याद -

सुशील कुमार मोदी ने भवन में मौजूद जेपी की कुर्सी को देखकर अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे वे लोग छात्र जीवन में जेपी से मिलने आते थे। जेपी इसी कुर्सी पर बैठकर सभी को मार्गदर्शन देते थे। मोदी ने प्रभा स्मृति कक्ष को देखकर प्रसन्न जताई, जहां पर प्रभावती देवी की स्मृतियां सुरक्षित रखी हैं। उन्होंने जेपी के शयन कक्ष को बाहर से ही प्रणाम किया। संग्रहालय भ्रमण के दौरान मोदी ने प्रार्थना सभा में भाग लेकर जेपी को याद किया। प्रार्थना सभा के दौरान विधायक श्याम रजक, विधायक अरूण कुमार सिन्हा, समिति की अध्यक्ष डॉ. तारा सिन्हा, सचिव डॉ. मृदुला प्रकाश, डॉ. वीणा श्रीवास्तव, सुजाता वर्मा, मनोज कुमार आदि मौजूद थे।

जनता के कष्ट से व्याकुल हो उठते थे जेपी

जयंती के मौके पर चरखा समिति परिसर में 'लोकनायक जयप्रकाश नारायण एक क्रांतिकारी व्यक्तित्व' पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें वक्ता के रूप में समाज वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. अनिरूद्ध प्रसाद ने विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण था कि कांग्रेस से लेकर मा‌र्क्सवाद, समाजवाद, गांधीवाद के गलियारे होते हुए वे महात्मा गांधी के राजनीतिक सहयोगी संत विनोवा के भूदान-यज्ञ अभियान में राजनीतिक विश्रांति पाते हैं। जेपी जनता के कष्ट से व्यथित होकर वे अन्याय के विरूद्ध सिर उठाते रहे और विजय प्राप्त की। जयप्रकाश उन सभी लोगों के आदर्श रहे हैं जो समाज में दबे और कुचले रहे। महिला चरखा समिति की अध्यक्ष प्रो. तारा सिन्हा ने जेपी और प्रभवाती से संबंधित कुछ अंतरंग संस्मरण सुनाए और उन्हें सच्चा बलिदानी कहा। समिति के मंत्री डॉ. मृदुला प्रकाश ने अतिथियों से स्वागत क्रम में जयप्रकाश को एक सच्चा राष्ट्रवादी नेता बताया। जेपी ने लोकहित के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया था। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि प्रो. अनिरूद्ध प्रसाद को समिति की ओर से स्मृति चिन्ह दिया गया। मौके पर डॉ. सुलोचना कुमारी, शंकुतला मिश्र, डॉ. शिववंश पांडेय, संचालक मंडल की सदस्या उमा सिन्हा, लक्ष्मी सिन्हा, युगल किशोर प्रसाद, ज्योति, किरण कुमारी, अवधेश के नारायण, चंद्रभूषण, सुजाता वर्मा, वीणा श्रीवास्तव, डॉ. मधु वर्मा, प्रो. वीणा कर्ण, सुधीर आदि मौजूद थीं।

Posted By: Jagran

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