पटना [जेएनएन]। हिन्‍दुस्‍तानी अवाम मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जिस राज्‍य में गरीबी, अशिक्षा और भूखमरी जैसी समस्‍याएं हैं, वहां इनके निदान की जगह सभ्‍यता द्वार का निर्माण किया जा रहा है।

जीतनराम मांझी ने कहा कि जो राज्य भूख, गरीबी, अशिक्षा और न्यूनतम स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, उस राज्य की जनता को अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम, बुद्धा पार्क, कन्वेंशनल हॉल जैसे निर्माण कार्यों से बहलाया नहीं जा सकता। मांझी ने इसे फिजूलखर्ची बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा कि अब बिहार में एक ताजमहल का निर्माण होना बाकी है। यह ताजमहल कहां और कैसे बनेगा, इसका फैसला भी मुख्यमंत्री अपने स्तर से कर लें।

मांझी ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तब गया में फलगु नदी पर बिखो बांध के निर्माण का फैसला लिया था। इसके लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था। इससे बोधगया तक नदी के दोनों छोर पर सड़क निर्माण का भी प्रावधान किया गया था। लेकिन सरकार जनसरोकार से जुड़ी योजनाओं की जगह सभ्यता द्वार जैसे स्मारकों का निर्माण कराकर बिहार के झूठे विकास का दावा कर रही है।

कर्नाटक में शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मांझी ने कहा कि मुझे वहां आमंत्रित नहीं किया गया। लेकिन हमारे नेता तेजस्वी यादव वहां गए हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी महागठबंधन की रूपरेखा तैयार होगी।

तेजस्वी यादव के संबंध में उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं जबकि मेरी पहचान अभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं है। संवाददाता सम्मेलन में हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दानिश रिजवान और प्रदेश प्रवक्ता विजय यादव भी मौजूद थे।

Posted By: Ravi Ranjan

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