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MLC चुनाव में 3 सीटों पर हार के बाद जदयू में मंथन, अपनों पर ही लगे भितरघात के गंभीर आरोप

Published: Thu, 05 Nov 2026 10:27 AM (IST)

विधान परिषद चुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद जदयू गुरुवार को समीक्षा बैठक करेगा। इस बैठक में पार्टी ...और पढ़ें

जेडीयू की बैठक (फाइल फोटो)

जेडीयू की बैठक (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जदयू विधान परिषद चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए बैठक करेगा।

  2. पार्टी के भीतर ही भितरघात के गंभीर आरोप लगे हैं।

  3. आनंद मोहन पर निर्दलीय उम्मीदवारों को मदद करने का आरोप।

राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर हुए चुनाव के परिणाम की समीक्षा के लिए गुरुवार को जदयू की बैठक होगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और इन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के अलावा चुनाव प्रभारी और प्रमुख नेता शामिल होंगे। 

मालूम हो कि भाजपा के साथ तालमेल के तहत जदयू को दो शिक्षक एवं दो स्नातक क्षेत्र की सीटें मिली थीं। पटना स्नातक क्षेत्र के उम्मीदवार नीरज कुमार को छोड़कर अन्य तीन उम्मीदवार चुनाव हार गए। समीक्षा में पटना स्नातक क्षेत्र भी शामिल है, जहां जीत के बाद भी जदयू के कई नेताओं पर भितरघात के आरोप लग रहे हैं।

तिरहुत के स्नातक क्षेत्र के उम्मीदवार अभिषेक झा और सारण के शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवार आनंद पुष्कर के आरोपों की बैठक में विशेष चर्चा होगी। 

एनडीए के नेताओं पर ही हराने का आरोप

अभिषेक झा ने एनडीए के नेताओं पर ही उनकी हार के लिए चक्रव्यूह रचने का आरोप लगाया है। उधर आनंद पुष्कर ने भाजपा के तीन सांसदों-राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रुडी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल पर चुनाव में मदद न करने का आरोप लगाया है। 

हालांकि पूर्व सांसद आनंद मोहन जदयू के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उनकी भूमिका की चर्चा इसलिए होगी क्योंकि उनकी पत्नी लवली आनंद जदयू की सांसद और पुत्र चेतन आनंद विधायक हैं। 

आनंद मोहन पर निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद करने का आरोप 

तिरहुत और सारण के जदयू उम्मीदवारों ने आनंद मोहन पर निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद करने का आरोप लगाया है। समीक्षा बैठक में जदयू उम्मीदवारों को पराजित करने वाले दो निर्दलीय विधान पार्षदों- वंशीधर बृजवासी और राहुल राज को भाजपा में शामिल कराने के प्रयास की भी चर्चा होगी। 

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था कि बागी बनकर चुनाव लड़ने के कारण पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित राहुल राज को चुनाव जीतते ही कैसे पार्टी में शामिल करने का प्रयास किया गया।

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