MLC चुनाव में JDU प्रत्याशियों की हार का खुलेगा राज, दो स्तर की बनेगी रिपोर्ट; सहयोगी दल भी जांच के दायरे में
जदयू विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशियों की हार के बाद पार्टी के भीतर और एनडीए सहयोगियों द्वारा विरोध की जांच ...और पढ़ें

पूर्व सीएम नीतीश कुमार व जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा। फाइल
HighLights
जदयू विधान परिषद चुनाव में हार के कारणों की जांच कर रहा।
जिलाध्यक्षों से पार्टी के भीतर विरोधियों की रिपोर्ट मांगी गई।
एनडीए सहयोगियों के असहयोग पर भी रिपोर्ट तैयार होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव में जदयू के चार प्रत्याशियों में तीन को हार का सामना करना पड़ा था।
एक प्रत्याशी विरोध के बावजूद जीते। जदयू नेतृत्व अब अपने संबंधित जिलाध्यक्षों से यह रिपोर्ट तैयार करा रहा कि उनके जिले में किन-किन लोगों ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का विरोध किया।
गुरुवार को पार्टी की बैठक में संबंधित जिलों के जिलाध्यक्ष भी शामिल हुए थे। उनसे पार्टी नेतृत्व ने आरंभिक बात की थी। चुनाव प्रचार के दौरान भी कुछ फीडबैक हासिल हुआ था।
एनडीए के घटक दलों से सहयोग नहीं मिलने की शिकायत
विधान परिषद चुनाव में जदयू के जो अधिकृत प्रत्याशी थे उनमें प्राय: सभी ने यह शिकायत की थी कि कुछ मामलों मे पार्टी के स्थानीय नेताओं और कई जगहों पर एनडीए के घटक दलों का उन्हें सहयोग नहीं मिला।
उनकी हार के मूल में यह बात रही। जदयू नेतृत्व इन शिकायतों के आधार पर जिलाध्यक्षों को रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। उनकी रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को मिलेगी।
जदयू जिलाध्यक्षों ने वैसे मौखिक रूप से यह बात पार्टी नेतृत्व को बताई है कि किस स्तर पर उनके दलीय प्रत्याशी को विरोध का सामना करना पड़ा।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र व सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मामला कुछ अधिक मुखर रहा। अब इन क्षेत्र में पड़ने वाले जिलों के जदयू जिलाध्यक्ष अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे।
दो स्तर पर बनेगी रिपोर्ट
दो स्तर पर यह रिपोर्ट बननी है। पहली रिपाेर्ट में यह होगा कि पार्टी के किन-किन लोगोंं ने जिला स्तर पर जदयू प्रत्याशी का विरोध किया। दूसरी रिपोर्ट यह बनेगी कि एनडीए के अन्य घटक दल की भूमिका किस तरह की रही।
जदयू से संबंधित रिपोर्ट पर पार्टी की अनुशासन कमेटी के स्तर पर विश्लेषण होगा। इसके बाद संबंधित पर कार्रवाई भी होगी।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू विधायक अनंत सिंह व पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
यह भी रिपोर्ट बन रही कि इसके अलावा किस स्तर पर विरोध किया गया। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अतिरिक्त नालंदा और नवादा जिला भी शामिल है।