पटना [जेएनएन]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जापान यात्रा के दौरान भारत में पांच सौ और एक हजार के नोट बंद किए जाने पर चुटकी लेते हुए कहा था कि , "पहले गंगा में कोई चवन्नी नहीं डालता था, अब आज देखो, गंगा में नोट बह रहे हैं। चोरी का माल निकलना चाहिए।" "आम आदमी को शिकायत थी कि एक को फायदा है, दूसरे को नुकसान; पर अब सबके 500 के नोट निकल रहे हैं, मोदी के भी निकल रहे हैं।"

उनके इस बयान पर जदयू ने नाराजगी जाहिर की है। जदयू के नेता श्याम रजक ने कहा कि मोदी ने जापान जाकर भारत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने कहा गंगा में पांच सौ और हजार नोट बहाए जा रहे हैं, मुझे बताएं कि कहां गंगा में नोट बहते दिखे हैं, हम छान लेंगे।

रजक ने कहा कि मोदी जुमलेबाज हैं और कुछ भी कह देते हैं। उनको अपने देश की फिक्र नहीं, अपने ही देश का अपमान करने में उन्हें संकोच भी नहीं होता। भारत के सभी लोगों के पास काला धन है क्या? जो लोग गंगा में नोट बहाते हैं वो लोग दिखाई तो नहीं दिए। यह सुनकर जापान की जनता ने क्या सोचा होगा हम भारतीयों के बारे में? भारत की इमेज मोदी जी को एेसे खराब नहीं करनी चाहिए थी।

Posted By: Kajal Kumari

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