फुलवारीशरीफ। विकास आयुक्त आमिर सुबहानी ने कहा कि कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही जल-जीवन हरियाली योजना से ही राज्य के पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कृषि के तृतीय रोडमैप के तहत बिहार में जैविक खेती के लिए पटना, बक्सर, नालंदा, भोजपुर, सारण, मुंगेर, भागलपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, खगड़िया, वैशाली व कटिहार सहित कुल 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर की योजना कार्यान्वित हो रही है। इसके तहत किसान समूह के प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ 11 हजार 500 रुपये का अनुदान सरकार दे रही है। वह मंगलवार को बामेती सभागार में आयोजित एक दिवसीय जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली योजना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक मंगलवार को जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसी के तहत मंगलवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ। विकास आयुक्त ने कहा, कृषि विभाग सूक्ष्म सिचाई योजना चला रहा है। आज पांच हजार एकड़ में ड्रिप इरीगेशन से सिचाई हो रही है। बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए बारिश के पानी को संरक्षित कर सिचाई को भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए विभिन्न जल संचयन का निर्माण कराया जा रहा है। सचिव कृषि डॉ. एन सरवण कुमार ने कहा कि जल-जीवन हरियाली अभियान के माध्यम से जलस्तर को संतुलित बनाकर रखना, प्रदूषणमुक्त रखना, वृक्ष आच्छादन को बढ़ाना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना प्रमुख रूप से लक्षित किया गया है। मौके पर डॉ. मनुभाई परमार, प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग अरविंद कुमार चौधरी, राजीव रोशन व आदेश तितरमारे ने भी किसानों को संबोधित कर योजना के फायदे बताए। किसान संगोष्ठी में बताई गई आत्मा की योजनाएं

दनियावां। प्रखंड कृषि भवन के सभागार में मंगलवार को किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें प्रखंड के विभिन्न भागों से आए हुए किसानों ने भाग लिया। संगोष्ठी में मुख्य रूप से जल-जीवन-हरियाली योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना एवं मूंग की खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इस मौके पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार चौधरी, आत्मा की तकनीकी सहायक अनिता कुमारी, आत्मा अध्यक्ष नीतीश कुमार व किसान सलाहकार प्रवीण कुमार ने किसानों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और योजनाओं व उनसे होने लाभ की जानकारी दी गई। धनरुआ में जल-जीवन-हरियाली पर हुई किसान संगोष्ठी

धनरुआ। प्रखंड के कृषि भवन में मंगलवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की ओर से किसान गोष्ठी आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता प्रखंड कृषि अधिकारी राजेश कुमार ने की। उन्होंने जल-जीवन-हरियाली के तहत पानी का संग्रह कैसे किया जाए, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि तालाब खोदकर पानी संग्रह के लिए सरकार अनुदान दे रही है। उन्होंने किसानों से इसका लाभ उठाने की अपील की। मौके पर निमडा के किसान सलाहकार बिदु कुमार, बीटीएम राजीव कुमार, विपिन कुमार व कई किसान मौजूद थे।

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