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पटना में ₹15000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं महिला आयकर अधिकारी, CBI ने क्लर्क को भी किया गिरफ्तार

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:46 PM (IST)Updated: Thu, 10 Sep 2026 09:47 PM (IST)

पटना में सीबीआई ने एक महिला आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार को 12ए और 80जी प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार। (सोशल मीडिया)

रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार। (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. महिला आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार रिश्वत लेते गिरफ्तार।

  2. 12ए और 80जी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए मांगी थी रिश्वत।

  3. सीबीआई ने क्लर्क सहित दोनों को रंगे हाथ पकड़ा।

राज्य ब्यूरो, पटना। एनजीओ को 12ए और 80जी प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगना महिला आयकर अधिकारी को महंगा पड़ गया।

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को आयकर विभाग के पटना कार्यालय में तैनात महिला आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम लेने में सहयोग करने वाले विभाग की क्लर्क को भी सीबीआई ने पकड़ा है।

मामला श्रवण ज्योति विवेकानंद संस्थान से जुड़ा है। संस्थान की ओर से आयकर विभाग में 12ए और 80जी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया था।

आरोप है कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए महिला आयकर अधिकारी की ओर से संस्थान के प्रतिनिधि से 75 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी सीबीआई को दी।

शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।

क्लर्क ले रहा था पैसा

पटना एसीबी की टीम ने डीएसपी रुबी चौधरी के नेतृत्व में योजना तैयार की। इसके बाद आयकर गोलंबर स्थित आयकर कार्यालय में टीम पहुंची। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने 15 हजार रुपये की पहली किस्त दी।

आरोप है कि महिला अधिकारी ने रकम खुद लेने के बजाय विभागीय क्लर्क के माध्यम से स्वीकार की। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, सीबीआई टीम ने दोनों को पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने रिश्वत की रकम बरामद की। इसके बाद दोनों आरोपितों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया।

एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का यह मामला अकेला है या इससे पहले भी ऐसे लेन-देन हुए हैं। कार्यालय के संबंधित दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।