पटना। लोगों के खान-पान में बदलाव और तनाव गैस का मुख्य कारण बन रहा है। खाद्य पदार्थो में मिलावट भी गैस सहित अन्य बीमारियों का कारण बन रही है। जीवनशैली में बदलाव कर आप गैस सहित पेट की कई बीमारियों से बच सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप योग एवं व्यायाम नियमित तौर पर करें। समय पर खाना खाएं और रात में कम से कम सात घंटा नींद लें। ये बातें रविवार को दैनिक जागरण द्वारा आयोजित 'हेलो डॉक्टर' कार्यक्रम में राज्यभर से पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार ने कहीं।

गैस की समस्या है। पेट में दर्द और कब्ज रहता है। दीपक कुमार जायसवाल, वैशाली, मनोज कुमार, पटेलनगर, अरुण कुमार, पटना, विक्रांत कुमार, आरा

सबसे पहले आप जीवनशैली में सुधार करें। समय पर खान-पान एवं समय पर सोने की आदत डालें। तनाव से बचने की कोशिश करें। जीवनशैली में आए बदलाव के कारण गैस की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। भोजन में मटर, चना एवं सोयाबीन का उपयोग कम करें।

--------------

कभी-कभी ज्यादा खाने पर पेट खराब हो जाता है। प्रवीण कुमार, फतेहपुर, नवादा

कुछ लोगों में फूड एलर्जी की समस्या होती है। आप एक बार लिवर की जांच करा लें। दूध के बदले दही का सेवन करें। इसके अलावा तनाव से बचने का प्रयास करें।

खाली पेट फल खाना चाहिए या नहीं। विश्वजीत कुमार, इस्लामपुर

खाली पेट फल खाने में कोई परेशानी नहीं है। सुबह में खाली पेट फल खा सकते हैं।

लिवर बड़ा हो गया है। पहले पीलिया भी हो गया था। बलराम चौधरी, जगदीशपुर

आप लिवर की जांच कराकर इलाज कराएं। नियमित रूप से कम से कम पांच किलोमीटर टहलें।

पेट में मरोड़ हो रही है। पिछले तीन माह से समस्या हो रही है। साहिल कुमार, वैशाली

पेट में मरोड़ होने की पहले जांच कराएं। उसके बाद दवाओं का सेवन करें, समस्या दूर हो जाएगी।

पेट में भारीपन रहता है। भूख नहीं लगती है। रात में नींद पूरी नहीं होती। ऋचाश्री, पटना

आपको खान-पान में सुधार करने की जरूरत है। अल्ट्रासाउड जांच कराकर देख लें कि कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है। बीमारी निकलने पर इलाज कराएं। कोई बीमारी नहीं है तो खान-पान में सुधार करने पर बीमारी ठीक हो जाएगी।

कब्ज की समस्या है, हमेशा परेशानी रहती है। दामोदर ठाकुर, पटना सिटी

कब्ज की समस्या पर निजात पाने के लिए जरूरी है कि आप नियमित समय पर भोजन लें। देर रात तक जगने की कोशिश न करें। सुबह में एक घंटा जरूर टहलें।

लिवर में सूजन है। भूख नहीं लग रही है। विनोद कुमार, गया, संजय पंडित, छपरा

एक बार लिवर की जाच करा लें। खाने में तेल एवं मसाला कम करें।

गैस की समस्या होती है। जोड़ों में दर्द रहता है। बेचैनी काफी रहती है। वीर नारायण सिंह, कंकड़बाग

आप फिजियोथेरेपी की मदद ले सकते हैं। भोजन में हरी सब्जी, सलाद एवं फल की मात्रा बढ़ा दें। निर्धारित समय पर ही भोजन लें।

Posted By: Jagran