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टिकट है फिर भी बेटिकट माने जाएंगे यात्री! रेलवे ने जारी किया जांच का नया प्लान, ये मूल पहचान पत्र जरूरी

Published: Sat, 26 Sep 2026 12:30 PM (IST)

रेलवे 1 से 31 अक्टूबर तक देशभर में विशेष टिकट जांच अभियान चलाएगा, जिसमें रियायती किराए, आरक्षण कोटे और ई-पास/पीटीओ के दुरुपयोग की जांच होगी।

ट्रेनों में 1 से 31 अक्‍टूबर तक विशेष जांच अभ‍ियान। सांकेत‍िक तस्‍वीर

ट्रेनों में 1 से 31 अक्‍टूबर तक विशेष जांच अभ‍ियान। सांकेत‍िक तस्‍वीर

विद्या सागर, पटना। रेलवे एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक देशभर में विशेष टिकट जांच अभियान चलाएगा। इस दौरान टिकट की प्रामाणिकता के साथ-साथ रियायती किराये, विशेष आरक्षण कोटे और ई-पास/पीटीओ के दुरुपयोग की जांच की जाएगी।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को अभियान के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड ने 25 सितंबर को इस बाबत पत्र जारी क‍िया है। 

पत्र के अनुसार, टिकट जांच कर्मचारियों को विशेष रूप से यह जांच करनी होगी कि यात्री जिस रियायत या आरक्षण कोटे के तहत टिकट लेकर यात्रा कर रहा है, वह उसके लिए पात्र है या नहीं। इसके लिए निर्धारित मूल पहचान प्रमाण देखना अनिवार्य होगा।

एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र नहीं तो सभी बेटिकट माने जाएंगे

आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों में कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान प्रमाण होना जरूरी होगा। यदि ऐसा नहीं पाया जाता है तो उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा।

वहीं, किसी विशेष रियायत या आरक्षण कोटे के तहत बुक टिकट के मामले में संबंधित यात्री को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित मूल पहचान प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

ई-पास और पीटीओ से सीधे यात्रा पर भी रोक

ई-पास और पीटीओ के आधार पर यात्रा करने वालों की भी सख्ती से जांच होगी। ऐसे टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों में कम से कम एक के पास निर्धारित मूल पहचान प्रमाण होना चाहिए।

साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि ई-पास या पीटीओ को पहले निर्धारित यात्रा प्राधिकार में परिवर्तित कराया गया है या नहीं। बिना निर्धारित यात्रा प्राधिकार में बदले ई-पास/पीटीओ के आधार पर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।

रेलवे बोर्ड ने टिकट जांच कर्मचारियों को यात्रियों के पास मौजूद टिकटों, खासकर अनारक्षित टिकटों की प्रामाणिकता जांचने का भी निर्देश दिया है।

टीटीई के माध्‍यम से होगा सत्‍यापन 

इसके लिए टीटीई एप के माध्यम से टिकट का सत्यापन किया जाएगा। स्टेशनों पर टिकट संग्रह करने और एप के माध्यम से उनकी वास्तविकता की जांच पर भी विशेष जोर रहेगा।

रेलवे का मानना है कि इस अभियान से आरक्षण सुविधाओं के दुरुपयोग और रेलवे राजस्व की हानि को रोकने में मदद मिलेगी।

बोर्ड ने सभी संबंधित कर्मचारियों को पूर्व में जारी निर्देशों से दोबारा अवगत कराने और उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अभियान समाप्त होने के 10 दिनों के भीतर जोनल रेलवे को इसकी संक्षिप्त रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजनी होगी।

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