यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की ..
एक तू ही यार मेरा.. हर पल हर लम्हा.. आदि बॉलीवुड फिल्मों के गीतों की प्रस्तुति से सभी को झुमाया

पटना। एक तू ही यार मेरा.., हर पल हर लम्हा.. आदि बॉलीवुड फिल्मों के गीतों की प्रस्तुति से इंडियन आइडल व सुर संग्राम फेम सौम्या मिश्रा ने ऑनलाइन महफिल को गुलजार कर दिया। सौम्या ने भोजपुरी गीत भी सुनाये। वह दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर शुक्रवार को लाइव थीं।
सौम्या ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा और संगीत साधना बिहार के मधुबनी से हुई। संगीत के पहले गुरु स्वर्गीय कृष्णानंद मिश्र रहे। इसके बाद यूपी से पढ़ाई और संगीत की तालीम ली। दर्शकों से रूबरू होते हुए गायिका सौम्या ने संगीत कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम को याद करते हुए 'मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु दशरथ अजिर बिहारी..' से की। भक्ति गीतों को सुन दर्शकों ने खूब प्रशंसा की। इसके बाद 'हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की, ये रामायण है पुण्य कथा है श्रीराम की..' पेश कर लोगों को भक्ति से सराबोर कर दिया। गायिका ने कहा कि हमारा संबंध मिथिला क्षेत्र मां सीता की धरती से रहा है। उन्होंने 'अपन किशोरी जी के कहल भेज वेले हम मिथिला में रहिबे..' पेश कर मां सीता को नमन किया। दर्शकों की फरमाइश को देखते हुए गायिका ने फिल्मी और भोजपुरी गीतों की भी जमकर प्रस्तुति की। फिल्मी गीतों में 'लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो..', 'मिले हो तुम हमको बड़े नसीबों से..' आदि को प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही खूब लूटी। फिल्मी गीतों को पेश करने के बाद गायिका सौम्या मिश्रा ने भोजपुरी के पूर्वी और कजरी गीतों की प्रस्तुति दी। भोजपुरी गीतों में 'रिमझिम बरसे बदरिया सखी संग गायब कजरी न..' पेश कर लोगों का खूब मनोरंजन कराया। गायिका ने ऑनलाइन आयोजन के लिए दैनिक जागरण को बधाई दी।
