पटना, दिलीप ओझा। गलवान घाटी में चीन के हमले व उसके बाद उत्‍पन्‍न भारत-चीन तनाव का असर देश के अंदर व्‍यापार पर भी पड़ा है। लोगों की भावना चीनी उत्‍पादों के खिलाफ हो गई है। बिहार से भी चीनी उत्पादों की तेजी से विदाई हो रही है। इन उत्पादों का राज्‍य में हर महीने करीब 600 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, जो अब सिमटकर 300 करोड़ तक आ गया है। अगर देसी ब्रांड के विकल्प मिले तो यह बाजार अभी और सिमटेगा, यह तय है।

मशहूर ब्रांड एमआइ के प्रीफर्ड पार्टनर ने गिरा दिया शटर

पटना की हृदयस्थली गांधी मैदान स्थित ट्विन टावर में चाइनीज मोबाइल के मशहूर ब्रांड एमआइ के प्रीफर्ड पार्टनर राजन आर्या ने शटर गिरा दिया है। कंपनी को ई-मेल भेजकर उन्होंने सूचना दे दी है कि आगे वे अब इस चीनी ब्रांड के साथ काम नहीं करेंगे। यह नजीर भर है। सूची में और भी नाम हैं। आम लोगों के साथ विक्रेता भी अब चीन के उत्पादों से दूर होने लगे हैं। 

चीन के उत्पादों के विकल्प की तलाश में जुटे वितरक

राजन आर्या ने कहा कि लोगों की भावना को देखते हुए उन्होंने चीन के एमआइ ब्रांड से नाता तोड़ने का फैसला लिया है। जानकारों का कहना है कि कई अन्य वितरक भी चीन की कंपनियों से नाता तोड़ने की प्रक्रिया में हैं। शीघ्र ही तस्वीर साफ हो जाएगी। ऐसे वितरक चीन के उत्पादों के विकल्प की तलाश में हैं।

50 फीसद तक गिर चुका चीनी उत्‍पादों का व्‍यापार

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में चीन की ब्रांडेड मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां हर महीने करीब 500 करोड़ रुपये कारोबार करती हैं। इन्हीं श्रेणियों के ग्रे सेगमेंट में भी करीब 100 करोड़ का कारोबार होता है। इसके अलावा चाइनीज लाइटिंग, सजावटी आइटम, घरेलू उपकरण में भी बिहार में हर महीने 30 करोड़ रुपये के लगभग कारोबार होता है। भारत-चीन के बीच तनाव का असर यह कि चीन के उत्पादों का बाजार 50 फीसद खत्म हो चुका है।

गैर चीनी मोबाइल व अन्य उत्पादों की बिक्री दोगुनी

नतीजा यह कि गैर चीनी ब्रांडों की चमक बढ़ गई है। सैमसंग के बिहार और वेस्टर्न यूपी के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर विवेक साह ने कहा कि चीन के प्रति ग्राहकों के साथ ही दुकानदारों और खरीदारों दोनों में भारी आक्रोश है। इससे सैमसंग सहित गैर चीनी मोबाइल व अन्य उत्पादों की बिक्री दोगुनी हो गई है। बिहार इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने कहा कि चीनी लाइटिंग, सजावटी आइटमों की बिक्री भी 50 फीसद तक घटी है।

Posted By: Amit Alok

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