सिलाव (नालंदा), संवाद सूत्र। बिना कोई ठोस सबूत के पंचों ने एक बेगुनाह को गुनाहगार बना दिया। पंचों के इस तरह के फैसले से संवैधानिक प्रक्रिया भी तार-तार हुई है। सालों से अबतक बेगुनाह न्याय के लिए भटक रहा पर न्याय नहीं मिला। पीड़ित युवक ने एसपी से गुहार लगाई है। वसूला गया रकम वापस लौटाने की मांग की है। मामला सिलाव प्रखंड क्षेत्र की पवाडीह पंचायत अंतर्गत चमरडीहा गांव का है। इस गांव के मिश्री यादव का ट्रैक्टर की चोरी बीते वर्ष दीपाली की रात में हुआ था। इस चोरी का आरोप में उसी गांव के पंकज कुमार को पुरानी खुन्नस को लेकर जान बूझकर फंसाया गया।

ट्रैक्‍टर चोरी का आरोप लगा पंचों ने वसूला जुर्माना

आवेदन में कहा गया है चोरी की घटना के बाद गांव के ही बल्लम चौधरी के इशारे पर ट्रैक्टर चोरी का आरोप  उसपर लगा दिया गया था। इसके बाद पंचायत बैठी। इसमें उसे चोर करार दे दिया गया। पंचायत में तीन लाख का जुर्माना ठोंक दिया गया। पंकज की हर सफाई अनसुनी कर दी गई। दबंगता के आगे मजबूर होकर पंकज ने कर्ज लेकर पंचायत के समक्ष तीन लाख जुर्माना दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद पंकज को पता चला कि चोरी का ट्रैक्‍टर मिल गया है। चोर को पकड़ लिया गया है।

चोर पकड़ाने के बाद से लगा रहा चक्‍कर  

इसके बाद पंकज ने पंचों को अपनी बेगुनाही बताते हुए पैसे वापस दिलाने की आरजू-मिन्‍नत करता रहा। लेकिन पंचों ने उसकी बातों को दरकिनार कर दिया।  पीड़ित ने इसके बाद थाने का चक्‍कर लगाया। लेकिन हर बार बस पुराना आश्‍वासन देकर पुलिस उसे टालती रही। युवक अक्‍सर थाने जाता है लेकिन उसे निराश लौटना पड़ता है। अब थक हार कर युवक ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित युवक बताता है कि जिस समय पंचायत लगी तो पंच में गांव के लोगों के साथ मुखिया दिनेश, जिला पार्षद सतेंद्र पासवान शामिल थे। जब मैं इनलोगों से पैसा लौटाने की विनती की तो ये बस टालमटोल करते रहे। 

Edited By: Vyas Chandra