बिहटा । आइआइटी कानपुर के पूर्ववर्ती छात्र संघ के मार्गदर्शन में आइआइटी, अमहार, बिहटा पटना के इंक्यूबेशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय स्टार्टअप मास्टर क्लास का शुभारंभ सूबे के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 30 से अधिक उद्यमी, 4 निवेशक तथा एक दर्जन से अधिक निवेशक सहित आइआइटियन ने समाज और देश की प्रगति के लिए किये जा रहे विभिन्न तरह के स्टार्टअप की जानकारी साझा की। इस अवसर पर सूबे के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश से गरीबी का अभिशाप मिटाने के लिए आप सेवा भावना से आगे बढ़ें। सरकार आपके साथ है। आज पूरा विश्व तकनीक के सहारे तेजी से तरक्की कर रहा है। भारत भी किसी से पीछे नहीं है। हम गावों को इंटरनेट से जोड़ रहे हैं। 21वीं सदी आपकी है। भारत कृषि प्रधान देश है। आप कृषि के उत्थान और रोजगार सृजन के लिए अपना नया शोध कर कुछ ऐसी तकनीक समाज को दें, जिससे गरीब और किसानों के जीवन में बदलाव लाया जा सके। जिससे हम तेजी से तरक्की कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और कृषि के लिए इन लोगों ने जिस तरह की नयी तकनीक का आविष्कार किया है, वह सराहनीय है। आप अपनी प्रतिभा का प्रयोग करें। कॅरियर की चिंता नहीं करें। अधिक नंबर प्राप्त करना बड़ी बात नहीं है। आपके दिल में समाज की सेवा करने का जज्बा होना चाहिए। लीक से हटकर चलने वाला ही देश-दुनिया में नाम करता है और वही देश की तरक्की में योगदान दें।

हजार साल से ज्यादा केवल 25 सालों में बदली है दुनिया

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 वर्ष में दुनिया में जितना बदलाव नहीं आया, उतना 20- 25 वर्ष में हुआ है। दुनिया तेजी से बदल रही है। हम नए-नए आविष्कार के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अब भारत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व क्रांतिकारी परिवर्तन के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। वीडियोग्राफी के माध्यम से पढ़ाई और तुरंत परीक्षा से बच्चे आगे बढ़ेंगे। देश के 50 करोड़ लोग मोबाइल से और 120 करोड़ लोग आधार से जुड़े हैं। दुनिया में सबसे सस्ता और अधिक मोबाइल और डाटा का उपयोग भारत कर रहा है। स्थानीय समस्या के समाधान से दुनिया बदल सकती है। स्थानीय समस्या को दूर करने पर शोध हो। जिसके पास बेहतर टेक्नोलॉजी होगी, वहीं दुनिया में ताकतवर होगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा पर ध्यान देने की जरूरत

मोदी ने कहा कि बिहार सरकार स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपए और सभी सुविधाओं का लाभ 2016 से दे रही है। स्वास्थ्य, चिकित्सा की ओर ध्यान देने की जरूरत है। सबसे ज्यादा जरूरत गरीबी और अशिक्षा मिटाने की है। उन्होंने कहा कि आप जॉब्स क्रिएटर बनो, नहीं की पैसा कमाने की मशीन। बाजार की जरूरत के अनुसार नया आयाम तैयार करो। शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है। इसमें संस्था के अध्यक्ष प्रदीप भार्गव ने कई पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नीति आयोग भारत सरकार के अभिताभ कात, पटना के निदेशक पुष्पक भट्टाचार्य, कानपुर के पूर्ववर्ती छात्र जय शकर प्रसाद, भारत सरकार के सुधीर जी आदि ने हिस्सा लिया।

Posted By: Jagran