पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार में अब उन बिल्डरों द्वारा निर्मित अपार्टमेंट व फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं होगी जो भू-संपदा विनियमन एवं विकास अधिनियम, 2016 (रेरा) से निबंधित नहीं होंगे। राज्य मंत्रिपरिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के उक्त प्रस्ताव समेत विभिन्न विभागों के कुल 32 प्रस्तावों का मंजूरी प्रदान की गई।  

मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जो बिल्डर रेरा से निबंधित नहीं होंगे उनके अपार्टमेंटों व फ्लैटों के निर्माणकार्य पूरा होने के बावजूद भी उसकी रजिस्ट्री की इजाजत अब नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेरा ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को एक प्रस्ताव सौंपकर इस आशय का प्रावधान लागू करने का आग्रह किया था। 

सिंह ने बताया कि पंचायती राज विभाग की योजनाओं के संचालन एवं प्रबंधन के लिए राज्य व जिलास्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन के लिए कुल 460 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है। साथ ही इसके लिए अगले दो के व्यय के रूप में 40 करोड़, आठ लाख, 84 हजार रुपये के अनुमानित व्यय की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

सड़क सुरक्षा परिषद की लीड एजेंसी में 460 पदों का सृजन

सिंह ने बताया कि 'बिहार सड़क सुरक्षा परिषद' के कार्यकलापों के संचालन के लिए एक 'लीड एजेंसी' के गठन के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने अपनी मुहर लगा दी है। यह लीड एजेंसी परिषद के सचिवालय के रूप में काम करेगी।

उन्होंने बताया कि लीड एजेंसी एक स्वतंत्र इकाई होगी जो राज्य परिवहन आयुक्त के नेतृत्व में कार्य करेगी। यह लीड एजेंसी के लिए सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए संविदा पर नियोजन हेतु विभिन्न पदों के सृजन की जरूरत है। ताकि सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर वर्ष 2020 तक राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने की सरकार की प्रतिबद्धता पूरी हो सके।

Posted By: Kajal Kumari

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