वीरपुर (बेगूसराय), संवाद सूत्र। भारतीय संविधान में धर्म बदलने की इजाजत तो है, लेकिन जाति बदलने की नहीं। बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका के चयन में जाति के बिंदु पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आइसीडीएस आयुक्त कार्यालय मुंगेर के उप निदेशक ने आइसीडीएस बेगूसराय के डीपीओ को पत्र भेजकर वीरपुर प्रखंड की नौला पंचायत के वार्ड संख्या 17 के आंगनबाड़ी सेविका बहाली में जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस संबंध में आयुक्त कार्यालय के पत्र के आलोक में कहा गया है कि उक्त वार्ड की सेविका पद की अभ्यर्थी समता कुमारी सहित वार्ड 17 के अन्य के द्वारा भेजे गए आवेदन पत्र के आलोक में वर्णित बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आयुक्त कार्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।

बगैर आमसभा किए सेविका के चयन का आरोप

बताते चलें कि आठ मार्च 2021 को आवेदिका समता कुमारी सहित वार्ड 17 के कई लोगों ने सेविका बहाली में हुई धांधली के खिलाफ बेगूसराय के डीएम को लिखित शिकायत की थी। डीएम को दिए आवेदन में आरोप लगाया गया था कि सीडीपीओ वीरपुर की मिलीभगत से बगैर आमसभा के ही अवैध तरीके से सेविका पद पर पूजा कुमारी पति संजीव ठाकुर को चयन पत्र दिया गया है।

आवेदन के वक्‍त नाई, चयन के वक्‍त मल्‍लाह

आवेदिका ने आरोप लगाया था कि पूजा कुमारी पति संजीव ठाकुर ने ऑनलाइन आवेदन में नाई जाति का जाति प्रमाण पत्र अपलोड किया था। बाद में सीडीपीओ की मिलीभगत से फाइल में अवैध तरीके से मल्लाह जाति का प्रमाण पत्र संलग्न कर दिया गया था। आवेदन की प्रतिलिपि आयुक्त मुंगेर, आइसीडीएस विभाग पटना, समाज कल्याण मंत्री बिहार सरकार, बिहार विधानसभा अध्यक्ष, डीपीओ आइसीडीएस बेगूसराय, एसडीओ बेगूसराय सदर, बीडीओ वीरपुर, सीओ वीरपुर, प्रखंड प्रमुख वीरपुर एवं जिला पार्षद वीरपुर को भेजा गया था।

  • आवेदन किया तब थी नाई, सेविका बनी तो हो गई मल्लाह
  • वीरपुर प्रखंड के नौला में सेविका बहाली में जाति प्रमाणपत्र का गड़बड़ झाला
  • सेविका बहाली मामले में उप निदेशक मुंगेर ने जांच कर कार्रवाई का दिया है आदेश