पटना, जागरण संवाददाता। पटना में फायर ब्र‍िगेड या दमकल की टीम को अजीब दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी नंबर-101 वैसे तो आग की घटना की जानकारी देने के लिए है, लेकिन कुछ लोग इसपर बेतुकी काल कर रहे हैं। कोई इस नंबर पर फोन कर अपनी प्रेमिका से मिलाने की गुहार लगा रहा है तो कोई फोन का रिचार्ज कैसे और कहां से कराएं, इसकी जानकारी मांग रहा है। इस तरह के फालतू फोन काल से कंट्रोल रूम कर्मी त्रस्त हैं। लोदीपुर में पटना का अग्निशमन कार्यालय मौजूद है। वहां स्थित कंट्रोल रूम में इमरजेंसी नंबर-101 पर आई काल को सुनने के लिए 24 घंटे कर्मियों की तैनाती की गई है। कंट्रोल रूम में सामान्य दिनों में अमूमन 100 फोन काल आते हैं। दमकल अधिकारी बताते हैं कि प्रत्येक दिन सिर्फ पांच से 10 काल ही आग से संबंधित होते हैं। अन्य फोन काल पर लोग गैर-जरूरी जानकारी मुहैया कराने को कहते हैं।

इमरजेंसी नंबर का दुरुपयोग ना करें लोग

अग्निशमन के इमरजेंसी नंबर पर कोई निजी समस्या तो कोई पीएफ के रुपये अकाउंट में नहीं आने की बात करता है। कोई शराबबंदी को बेकार बताते हुए दोबारा शराब की बिक्री की मांग कर डालता है। कई बार बच्चे भी 101 नंबर डायल कर देते हैं। उनकी मांग होती है कि वह स्कूल नहीं जाना चाहते। बावजूद इसके स्वजन उन्हें स्कूल भेजते हैं। कोई उनके स्कूल में छुट्टी घोषित करवा दे।

  • दमकल के इमरजेंसी नंबर पर बेतुकी काल्स की बाढ़
  • प्रतिदिन आती है करीब 100 फोन काल्स
  • हर रोज पांच से दस ही आग से होती संबंधित
  • कोई लगा रहा है प्रेमिका से मिलाने की गुहार
  • कोई फोन रिचार्ज कराने की मांग रहा जानकारी

अनचाहे फोन काल से कंट्रोल रूम कर्मी हैं त्रस्त

दमकल के अधिकारियों के मुताबिक इन फोन की वजह से कर्मियों को परेशानी हो रही है। आग की जानकारी देने वालों को भी कई बार लंबा इंतजार करना पड़ जाता है। कई लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं तो कुछ लोग अनजाने में फोन कर देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इमरजेंसी नंबर का दुरुपयोग नहीं  करें।