यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
HC में प्रशांत किशोर के खिलाफ सुनवाई, सरकार को जवाब के लिए मिला समय
पटना हाईकोर्ट में राज्य सरकार के परामर्शी प्रशांत किशोर के खिलाफ मुकदमे पर सुनवाई हुई। इसमें सरकार को जवाब के ...और पढ़ें

पटना [वेब डेस्क]। बिहार सरकार के परामर्शी प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना हाइकोर्ट में दायर याचिका दायर आज कोर्ट ने सुनवाई की। प्रशांत किशोर और बिहार सरकार के खिलाफ नागरिक अधिकार मंच द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। अब मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।
राज्य सरकार के परामर्शी व कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त प्रशांत किशाेर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली नागरिक अधिकार मंच की याचिका पर मुख्य न्यायधीश इकबाल अहमद अंसारी की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में यह मुद्दा उठाया गया है कि सरकार ने प्रशांत किशोर को परामर्शी नियुक्त करने में प्रावधानों की अवहेलना की है। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना भी नियमों के खिलाफ है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर की नियुक्ति वैध नहीं है।
विदित हो कि प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के लिए काम किया था। चुनाव में जीत के बाद नीतीश कुमार की सरकार ने प्रशांत को परामर्शी नियुक्त किया। प्रशांत पहले संयुक्त राष्ट्र में काम कर चुके हैं। स्वदेश लौटकर उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के रणनीतिकार के रूप में काम शुरू किया। वे लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के लिए भी रणनीति तैयार कर चुके हैं।
याचिका पर हाईकोर्ट ने इसके पहले 19 अक्टूबर को सुनवाई की थी। अब सबकी नजरें 27 अक्टूबर की अगली सुनवाई पर टिकी है, जिसमें राज्य सरकार को अपना जवाब देना है।