बिहार के सरकारी भवनों में इलेक्ट्रिक लोड की जांच अनिवार्य, दिए गए कड़े निर्देश
सरकारी भवनों में बिजली के लोड का मूल्यांकन अनिवार्य कर दिया गया है ताकि शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
सरकारी भवनों में इलेक्ट्रिक लोड मूल्यांकन अब अनिवार्य किया गया।
नियोजन भवन में कूड़ा, विकास भवन में जर्जर वायरिंग मिली।
ज्ञान भवन में स्मोक डिटेक्टर काम नहीं कर रहा था।
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकारी भवनों में अब इलेक्ट्रिक लोड का मूल्यांकन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत कई तरह की जांच के प्राविधान किए गए हैं।
बिजली की वजह से होने वाले शार्ट सर्किट और इस कारण होने वाले अग्निकांड से बचने के लिए छोटी-छोटी जांच की हिदायत और जांच करा लेने के बाद उसकी रिपोर्ट रखने का निर्देश दिया गया है।
इलेक्ट्रिक पैनल रूम में डंप था कूड़ा-कचरा
राजधानी स्थित नियोजन भवन में जब जांच की गयी तो यह बात सामने आया कि इलेक्ट्रिक पैनल रूम में कूड़ा-कचरा डंप कर दिया गया है। विकास भवन में एक जगह सीढ़ियों पर भी इस तरह की स्थिति दिखी।
ज्ञान भवन में काम नहीं कर रहा था स्मोक डिटेक्टर
सरकारी भवनों में अग्निकांड को रोकने के क्रम में की गयी व्यवस्था को लेकर जब गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन का निरीक्षण किया गया तो यह बात सामने आयी कि वहां लगा स्मोक डिटेक्टर ही काम नहीं कर रहा।
विकास भवन की इलेक्ट्रिक वायरिंग जर्जर
जांच के दौरान यह बात भी सामने आयी कि विकास भवन की इलेक्ट्रिक वायरिंग जर्जर है। कई मामलों में अग्निकांड का यह प्रमुख कारण बनती रही है। इसे चरणबद्ध तरीके से ठीक करने का निर्देश दिया गया है। यह भी निर्देश दिया गया है कि दफ्तर में लगे एमसीवी की निरंतर जांच हाेती रहे। यह भी ध्यान दिया जाए कि एमसवी ट्रिप हो रहा है या नहीं।
पंद्रह दिन में एक बार अग्निशमन यंत्र को चलाने की हिदायत
निरीक्षण के क्रम इंजीनियरों ने यह भी निर्देश दिया है सरकारी भवनों में जो अग्निशमन उपकरण लगे हैं उसकी जांच हर पंद्रह दिन पर की जाए। उसे चलाकर देखा जाए। इससे इस बारे में अद्यतन स्थिति की जानकारी रहेगी।
