शराब स्कॉर्पियो नीलामी घोटाला: गोपालगंज के दारोगा राजेंद्र राम गिरफ्तार, गलत पहचान कर बेची गई गाड़ी
गोपालगंज में शराब के साथ जब्त स्कॉर्पियो की गलत पहचान कर नीलामी करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने ...और पढ़ें

दारोगा राजेन्द्र राम गिरफ्तार
HighLights
गोपालगंज में शराब स्कॉर्पियो नीलामी में गड़बड़ी का मामला।
तत्कालीन दारोगा राजेंद्र राम को आर्थिक अपराध इकाई ने दबोचा।
जब्त स्कॉर्पियो की पहचान बदलकर की गई थी नीलामी।
जागरण संवाददाता, पटना। गोपालगंज में शराब के साथ जब्त स्कॉर्पियो की पहचान में गड़बड़ी कर उसकी नीलामी करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने तत्कालीन अनुसंधानकर्ता दारोगा राजेन्द्र राम को गिरफ्तार किया है। उन्हें आठ अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज के तत्कालीन लिपिक कन्हैया लाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली अंसारी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। दोनों को 14 सितंबर को जेल भेजा गया था।
चोरी की स्कॉर्पियो पर लगी थी दूसरी गाड़ी की नंबर प्लेट
ईओयू के अनुसार, मामला शराब तस्करी में जब्त स्कॉर्पियो की वास्तविक पहचान और उसकी नीलामी में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है।
19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने करीब 340 लीटर शराब के साथ एक स्कॉर्पियो जब्त की थी।
इस संबंध में सिधवलिया थाना कांड संख्या 125/2020 दर्ज किया गया था। मामले की जांच तत्कालीन दारोगा राजेन्द्र राम कर रहे थे।
जांच में पता चला कि जब्त स्कॉर्पियो पर बीआर06पीडी9070 नंबर की प्लेट लगी थी, जबकि इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसका वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर जेएच01सीजे7840 था। इस वाहन की चोरी की प्राथमिकी रोहतास जिले के दिनारा थाने में 27 दिसंबर 2019 को दर्ज कराई गई थी।
असली मालिक को पक्ष रखने का मौका नहीं मिला
आरोप है कि वाहन की वास्तविक पहचान स्पष्ट होने के बावजूद उसे बीआर06पीडी9070 नंबर वाली गाड़ी मानकर जब्त करने के बाद अधिग्रहित कर नीलाम कर दिया गया। इस प्रक्रिया में वाहन के वास्तविक मालिक राधेश्याम सिंह को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला।
इसके बाद वाहन मालिक ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामला सामने आने के बाद वाहन की पहचान, नीलामी की प्रक्रिया और इसमें शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईओयू में केस दर्ज
पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका पर चार नवंबर 2025 को पारित आदेश के आलोक में ईओयू थाने में 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या 42/2025 दर्ज किया गया।
इस मामले में तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, गोपालगंज, नीलामी समिति के सदस्यों, बोली लगाने वाले रियाजुल आलम और अन्य लोगों को आरोपित किया गया है।
धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई आरोप
ईओयू में दर्ज मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 52 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
ईओयू अब जब्त स्कॉर्पियो की वास्तविक पहचान, नीलामी से जुड़ी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
