गया में 22200 एकड़ में बनेगी सैटेलाइट टाउनशिप, जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी
गया में प्रस्तावित मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना-2047 के प्रारूप पर अब आम लोग 60 दिनों तक सुझाव दे सकेंगे।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना-2047 का प्रारूप जारी।
आम लोग और हितधारक 60 दिनों तक दे सकेंगे सुझाव व आपत्ति।
टाउनशिप क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक अब हटाई गई।
राज्य ब्यूरो, पटना। गया में प्रस्तावित मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना-2047 के प्रारूप पर अब आम लोग और हितधारक अपनी आपत्ति व सुझाव दे सकेंगे।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने प्रारूप को अधिसूचित करते हुए गजट में प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों तक सुझाव लेने का निर्णय लिया है।
सुझाव अपर सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग को डाक, कुरियर या ई-मेल, आयुक्त मगध प्रमंडल, सह अध्यक्ष जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार गया जी को भेज सकेंगे।
यहीं नहीं सरकार ने टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री, हस्तांतरण पर 29 जुलाई से लगी रोक भी हटा दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
आदेश के मुताबिक बिहार शहरी आयोजना तथा विकास बोर्ड की आठ सितंबर को हुई 15वीं बैठक में विकास आयुक्त सह अध्यक्ष की अध्यक्षता में इस प्रारूप को सार्वजनिक करने की अनुशंसा की गई थी।
54 राजस्व गांव शामिल
प्रस्तावित टाउनशिप का विशेष क्षेत्र करीब 22,200 एकड़ में होगा। इसमें गया जी, बोधगया और परैया प्रखंड के 54 राजस्व गांव शामिल होंगे। इसके अलावा गया जी और बोधगया योजना क्षेत्र में आने वाले शहरी क्षेत्रों के हिस्सों को भी इसमें शामिल किया गया है। टाउनशिप का कोर क्षेत्र करीब 1,629 एकड़ का होगा, जिसमें 13 राजस्व गांव शामिल हैं।
योजना में आवासीय क्षेत्र के साथ केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्र, बाजार, संस्थान, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, मनोरंजन स्थल और सेवा क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य भविष्य के शहरी विस्तार को व्यवस्थित करना और एक आत्मनिर्भर शहरी केंद्र तैयार करना है। विशेष क्षेत्र में अभी करीब 1.70 लाख आबादी, 27,533 भवन और 54,604 भूखंड हैं। कोर क्षेत्र में भी 3,533 भूखंड हैं।
योजना में मौजूदा गांवों और बस्तियों को हटाकर अलग विकास करने के बजाय उन्हें नई व्यवस्था में शामिल करने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-22 और 119डी तथा गया जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निकट होने से टाउनशिप को बेहतर क्षेत्रीय संपर्क का लाभ मिलेगा।
