पटना के शहरी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, कई गांव डूबे; संपर्क सड़कें टूटने से लोग परेशान
पटना में गंगा, पुनपुन और दरधा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे शहरी और दियारा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
HighLights
गंगा, पुनपुन, दरधा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर।
शहरी और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी।
सड़कें जलमग्न, संपर्क टूटा, एक बच्ची की मौत।
जागरण संवाददाता, पटना। जिले में बाढ़ का खतरा अब दियारा के साथ शहरी क्षेत्रों में भी दस्तक दे चुका है। गंगा, पुनपुन व दरधा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले के पश्चिम से पूर्व और दक्षिण से उत्तर तक दबाव बढ़ा दिया है। गुरुवार की दोपहर दो बजे दीघा में गंगा खतरे के निशान से 1.17 मीटर, गांधीघाट में 1.67 मीटर तो हाथीदह में 1.32 मीटर ऊपर बह रही थी। तीनों जगह पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
दक्षिणी पटना में पुनपुन श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 2.29 मीटर और दरधा कोल्हाचक में 3.07 मीटर ऊपर पहुंच चुकी है। इससे मोकामा का जंजीरा दियारा पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुका है। लोग स्कूल की छत पर शरण लिए हुए हैं और अन्य ऊंचे सुरक्षित स्थानों को जा चुके हैं।
ग्रामीण सड़कें हुई जलमग्न
कसहा दियारा में घरों में पानी घुसने के साथ नया कसहा से पुराना कसहा, सीतापुर व विजयगढ़ जाने वाली ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। बख्तियारपुर के कई दियारा पंचायतों में निचले घरों में पानी पहुंच गया है। दूसरी तरफ पुनपुन-दरधा के उफान से गौरीचक बाजार सहित करीब तीन दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क सड़कें टूटने से भोजन, चारा और रोजमर्रा की जरूरतों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।
इसी बीच, पुनपुन के छोटकी सैदपुर में शाैच को गई 10 वर्षीय रीना कुमारी की तेज बहाव में बह जाने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने तीन घंटे बाद शव बरामद किया। फुलवारी प्रखंड में पुनपुन बांध से सटे चिहुंट, सकरैचा, मेहमानपुर, बकपुर और तारापुर समेत कई गांवों में भी ग्रामीण रातभर बांध और नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
12 घंटे में मनेर में 3.08 मीटर उछला जलस्तर
गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि सबसे बड़ी चिंता है। तीन सितंबर सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मनेर में जलस्तर 53.35 से 53.45 मीटर के आसपास दर्ज हुआ। दीघा में सुबह 53.35 मीटर से शाम पांच बजे 53.45 मीटर तक पानी पहुंचा।
गांधीघाट में यह 51.58 से 51.63 मीटर रहा। तीनों जगह जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है और लगातार बढ़ रहा है। श्रीपालपुर में पुनपुन खतरे के निशान से 2.29 मीटर तो दरधा धनरुआ के कोल्हाचक में 3.07 मीटर ऊपर है। प्रशासन के अनुसार मोकामा में करीब 200 विस्थापित शिविरों में शरण लिए हुए हैं। ्र
एक नजर में बाढ़ का खतरा
- मोकामा: जंजीरा दियारा डूबा, पलायन तेज, कसहा दियारा में घरों में घुसा पानी, सड़कें जलमग्न।
- बख्तियारपुर: चार दियारा पंचायतों के निचले घरों में पानी।
- गौरीचक: करीब तीन दर्जन गांव पानी से घिरे, सड़क संपर्क टूटा।
- पटनासिटी: कंगन घाट का भूतल मार्ग डूबा, आवागमन ठप।
- मोकामा में करीब 200 विस्थापितों को प्लास्टिक शीट व चूड़ा-गुड़ वितरित।
| नदी - जगह | वर्तमान जलस्तर | खतरे का निशान | खतरे से ऊपर | उच्चतम बाढ़ स्तर |
|---|---|---|---|---|
| गंगा - मनेर | 53.44 मी. | 52.00 मी. | 1.44 मी. | 53.79 मी. |
| गंगा - दीघा | 51.62 मी. | 50.45 मी. | 1.17 मी. | 52.52 मी. |
| गंगा - गांधीघाट | 50.27 मी. | 48.60 मी. | 1.67 मी. | 50.52 मी. |
| गंगा - हाथीदह | 43.08 मी. | 41.76 मी. | 1.32 मी. | 43.52 मी. |
| पुनपुन - श्रीपालपुर | 52.89 मी. | 50.60 मी. | 2.29 मी. | 53.91 मी. |
